• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Congress President Post: विवेक तन्खा के इस्तीफे से जी-23 ने दिया कांग्रेस को बड़ा संदेश

Congress President Post: विधि प्रकोष्ठ के बहाने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर लगाया निशाना।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 01 Jul 2021 07:39:25 AM (IST)Updated Date: Thu, 01 Jul 2021 07:55:48 AM (IST)
Congress President Post: विवेक तन्खा के इस्तीफे से जी-23 ने दिया कांग्रेस को बड़ा संदेश

धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल, नवदुनिया, Congress President Post। कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने पार्टी के विधि प्रकोष्ठ (लीगल सेल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर असंतुष्टों के समूह जी-23 की तरफ से पार्टी हाईकमान को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने वंशवाद के खिलाफ जंग में अब किसी पद पर लंबे समय तक जमे रहने को लेकर नैतिक आधार पर विरोध करने की शुरुआत कर दी है। माना जा रहा है कि इससे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन की मांग का दबाव बढ़ेगा। जी-23 पिछले कुछ वर्षों से मांग कर रहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर गैर गांधी को अवसर दिया जाए।

इसी साल फरवरी में कांग्रेस अध्यक्ष पद पर चुनाव को लेकर संकेत मिल रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर इसे जून तक के लिए टाल दिया गया। इस बीच पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव और कोरोना की दूसरी लहर के चलते इस मुद्दे को टाल दिया गया। विस चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पार्टी में अंदरूनी तौर पर खराब प्रदर्शन की समीक्षा की आवाज उठी, जिसे नकार दिया गया। बताया जाता है कि चूंकि विस चुनावों में प्रचार की कमान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने संभाल रखी थी, तो इस पर चर्चा की मांग दबी रह गई, जबकि जी-23 के नेता इस पर मुखर होने के मूड में थे। इस बीच अचानक विवेक तन्खा ने लीगल सेल के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुनाव की चर्चाओं को हवा दे दी है। उन्होंने इस्तीफे की वजह बताई थी कि कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक एक ही पद पर रहकर न्याय नहीं कर सकता। नई पीढ़ी को यह दायित्व सौंपा जाना चाहिए।


वंशवाद के तो मैं खिलाफ हूं

वंशवाद के खिलाफ तो मैं हूं। मैंने अपने बेटे वरुण तन्खा की नरसिंहपुर विधानसभा सीट से टिकट का भी विरोध किया था। मैंने कांग्रेस नेतृत्व को साफतौर पर कहा था कि वरुण मेरा बेटा है, सिर्फ इस नाते आप टिकट दे रहे हैं, यह गलत है। वह काबिल बने फिर किसी भी पार्टी से चुनाव लड़े, कोई दिक्कत नहीं। कांग्रेस नेतृत्व ने मुझसे पूछा कि आप लीगल सेल के चेयरमेन पद पर बने रहना चाहते हों तो बताएं। मैंने कहा कि मुझे रुचि नहीं है, किसी नए व्यक्ति को मौका दें। हमें अपने पुरूषार्थ पर भरोसा है। - विवेक तन्खा, राज्यसभा सदस्य