
नवदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। हंड्रेड डायल में तैनात पुलिस आरक्षक द्वारा फरियादी के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने इस मामले में आरक्षक महेन्द्र प्रताप गुर्जर को निलंबित कर दिया है, वहीं उसके खिलाफ अजाक्स थाने में एससी-एसटी एक्ट सहित मारपीट का प्रकरण भी दर्ज किया गया है। घटना के बाद गुरुवार को अहिरवार समाज संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
रायसेन जिले के ग्राम सिंगरामपुर निवासी ऊधमसिंह अहिरवार ने शिकायत में बताया कि करीब 15 दिन पहले उनके पड़ोसी की तीन भैंस और उनका एक पाड़ा चोरी हो गया था। सोमवार को रामलीला मैदान स्थित पशु बाजार में कुछ मवेशियों को वाहन में लोड करते देख उन्होंने और उनके परिचितों ने हंड्रेड डायल को सूचना दी।
आरोप है कि मौके पर पहुंचे पुलिस आरक्षक महेन्द्र प्रताप गुर्जर आरोपितों से बातचीत करने लगे। इसी दौरान फरियादी पक्ष के युवक द्वारा वीडियो बनाए जाने पर विवाद बढ़ गया और पुलिस आरक्षक ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विरोध करने पर ऊधमसिंह के साथ भी कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अहिरवार समाज संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मारपीट के दौरान फरियादी द्वारा पानी मांगने पर उसे ऐसा तरल पदार्थ दिया गया जिसमें मूत्र जैसी बदबू आने का आरोप है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में अस्पताल पहुंचकर फरियादी के कपड़े बदलवाए गए।
हालांकि कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने इन आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि मानवता के नाते फरियादी और उसकी पत्नी को नए कपड़े उपलब्ध कराए गए थे। इधर ज्ञापन में पथरिया थाने में भी एक अन्य फरियादी के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। संघ ने दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।