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MP बोर्ड रिजल्ट की उल्टी गिनती शुरू, 12 से 15 अप्रैल के बीच आ सकता है परिणाम; धड़कनें तेज, हेल्पलाइन पर उमड़े कॉल

जैसे-जैसे परिणाम की तारीख नजदीक आ रही है। विद्यार्थियों में तनाव के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। माशिमं की हेल्पलाइन नंबर 18002330175 पर विद्यार...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 08:44:55 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 08:44:51 PM (IST)
MP बोर्ड रिजल्ट की उल्टी गिनती शुरू, 12 से 15 अप्रैल के बीच आ सकता है परिणाम; धड़कनें तेज, हेल्पलाइन पर उमड़े कॉल
16 लाख छात्र-छात्राओं को नतीजों का है इंतजार। (AI से जेनरेट की गई इमेज)

HighLights

  1. 16 लाख छात्र-छात्राओं को नतीजों का है इंतजार
  2. माशिमं की हेल्पलाइन पर रोज आ रहे 500 फोन
  3. परिणाम से पहले अभिभावकों के लिए गाइडलाइन

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम 12 से 15 अप्रैल के बीच घोषित होने की संभावना है। जैसे-जैसे परिणाम की तारीख नजदीक आ रही है। विद्यार्थियों में तनाव के मामले तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं। माशिमं की हेल्पलाइन नंबर 18002330175 पर विद्यार्थियों के काल की संख्या में वृद्धि हुई है।

तनाव को लेकर सवाल पूछ रहे हैं विद्यार्थी

जानकारी के अनुसार, करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी परिणाम से जुड़े तनाव को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। वहीं कुछ विद्यार्थियों को इस बात की चिंता है कि अगर वे फेल हो गए तो उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। काउंसलर विद्यार्थियों के तनाव को दूर कर रहे हैं।


साथ ही अभिभावकों को भी सलाह दी जा रही है कि बच्चों का ध्यान रखें। उनका अंकों से आकलन न करें। जैसा परिणाम आए उसे स्वीकार करें। वहीं सात मई से होने वाली द्वितीय परीक्षा के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया जा रहा है। बता दें, कि इस वर्ष 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया है।

अभिभावकों की उम्मीदों का दबाव

कई विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उनके अभिभावकों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। ऐसे में यदि उनका परिणाम खराब आता है, तो वे उनका सामना कैसे करेंगे। यह चिंता उन्हें परेशान कर रही है। काउंसलर कविता चौबे ने बताया कि अभिभावकों को भी सलाह दी जा रही है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनका मूल्यांकन केवल अंकों के आधार पर न करें।

काउंसलर कर रहे मार्गदर्शन

हेल्पलाइन पर मौजूद काउंसलर विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनके तनाव को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम पैमाना नहीं होता।

इस तरह के पूछ रहे प्रश्न

  • सवाल- 12वीं के विद्यार्थी ने फोन कर पूछा कि रिजल्ट कब आएगा।
  • जवाब- अभी तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस माह के दूसरे सप्ताह में परिणाम जारी होने की संभावना है।
  • सवाल-10वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि इस बार भी बेस्ट ऑफ फाइव योजना लागू रहेगा।
  • जवाब- इस बार परिणाम में 10वीं में बेस्ट आफ फाइव लागू रहेगा।
  • सवाल- 12वीं के विद्यार्थी ने पूछा-कुछ पेपर अच्छे नहीं गए हैं तो द्वितीय श्रेणी से पास हो गया तो आगे किस विषय को लेकर पढ़ाई करना बेहतर होगा।
  • जवाब- अब सीखने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। हर जगह नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा हो रही है, इसलिए श्रेणी से कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।
  • सवाल- 12वीं के विद्यार्थी ने पूछा-अभिभावक को मुझसे बहुत अपेक्षाएं हैं। अगर परिणाम बेहतर नहीं आया तो क्या होगा।
  • जवाब- अभिभावक को समझाएं कि अंक लाने से कुछ नहीं होगा,बल्कि सीखने के लिए पढ़ाई करना चाहिए।
  • सवाल- 10वीं के विद्यार्थी ने पूछा-अगर परिणाम बेहतर नहीं आएगा तो क्या होगा।
  • जवाब- जैसा भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें और आगे की तैयारी करें।

यह भी पढ़ें- MP में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, समाधान योजना की अवधि 15 मई तक बढ़ी, सरचार्ज में मिलेगी 90% तक की छूट

काउंसलर की सलाह

  • अभिभावक बच्चों का अंकों से आकलन न करें।
  • कम अंक आने पर उनकी तुलना दूसरे बच्चों के साथ न करें।
  • अभिभावक बच्चों पर अच्छे अंक के लिए दबाव ना डालें।
  • जैसा भी परिणाम आए, विद्यार्थी स्वीकार करें।
  • कभी भी निराश न हो, दोगुने उत्साह से जुट जाएं।
  • बच्चों को उनके मन का करने दें।

हेल्पलाइन में अभी एक दिन में करीब 300 से 500 फोन आ रहे हैं। अभिभावकों को भी सलाह दी जा रही है कि वे बच्चों पर दबाव नहीं बनाएं। उनका साथ दें।- निशी शर्मा, प्रभारी, माशिमं हेल्पलाइन