
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दीपावली में अब 12-13 दिन शेष हैं और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। त्योहार पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों के लिए सफर करेंगे। इनमें परिवारों के साथ यात्रा करने वालों से लेकर रात में अकेले सफर करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं।
ऐसे में स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी मुस्तैद है, खासकर रात के समय महिला यात्रियों को कितनी सहजता और सुरक्षा मिल रही है, यह जानने के लिए रविवार रात रानी कमलापति और भोपाल रेलवे स्टेशन का जायजा लिया गया।
रात 10 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचने पर प्लेटफार्म नंबर पांच और एक के बाहर सड़क से प्रवेश द्वार तक कैब और ऑटो ड्राइवरों की भीड़ नजर आई। यात्रियों की आवाजाही के बीच प्रवेश क्षेत्र में जीआरपी का कोई जवान मौके पर दिखाई नहीं दिया। त्योहार से पहले बढ़ती भीड़ के बीच प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी यात्रियों में भरोसा बढ़ा सकती है।

महिला यात्री प्रज्ञा सिंह ने बताया कि वह अकेले स्टेशन पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि बाकी व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन प्रवेश और निकास द्वार पर कम से कम एक-एक सुरक्षाकर्मी होना चाहिए, ताकि महिलाओं को अधिक सुरक्षित महसूस हो।
रात करीब 11:10 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पर सड़क से लेकर प्रवेश-निकास क्षेत्र तक ऑटो और कैब की आवाजाही दिखाई दी। कुछ ड्राइवर ऑटो में बैठकर यात्रियों का इंतजार कर रहे थे, जबकि कुछ निकास द्वार के पास यात्रियों से चलने के लिए पूछ रहे थे। इस दौरान मौके पर कोई सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया।
महिला यात्री प्रगति ने बताया कि वह कैब बुक करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें कैब नहीं मिल रही थी। वहीं, कई लोग उनसे अपने साथ चलने के लिए पूछ चुके थे। ऐसे में यात्रियों के लिए अधिक स्पष्ट पिकअप व्यवस्था और सुरक्षा कर्मियों की दृश्य मौजूदगी उपयोगी साबित हो सकती है।

10 जीआरपी कर्मी निगरानी करते हैं
सुबह और शाम पेट्रोलिंग की जाती है। अलग-अलग शिफ्ट में 10 जीआरपी कर्मी तैनात रहकर निगरानी करते हैं। सीमित स्टाफ के कारण हर स्थान पर एक कर्मचारी को लगातार खड़ा रखना संभव नहीं है। - अंकित जायसवाल, पुलिस अधीक्षक रेल, भोपाल
स्टेशन की निगरानी सीसीटीवी से की जाती है। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में पांच-पांच पुलिसकर्मी और दो अधिकारी मौजूद रहते हैं, ताकि किसी घटना को समय रहते रोका जा सके। - केएस रावत, आरपीएफ इंस्पेक्टर, आरकेएमपी