
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। राज्य के शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सरकार ने दो प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। उनको अब 58 के बजाय 60 प्रतिशत की दर से भत्ता मिलेगा। यह जनवरी 2026 से देय होगा। जनवरी से सितंबर के नौ माह के एरियर का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। अक्टूबर माह के वेतन (नवंबर में देय) से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान होगा।
पेंशनरों के लिए भी महंगाई राहत (डीआर) में दो प्रतिशत की वृद्धि की गई है। हालांकि, यह इसी वर्ष जुलाई से लागू होगी। दो प्रतिशत डीए बढ़ाने से सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष नौ सौ करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट करके सरकार के इस निर्णय की जानकारी दी।
इसके बाद शुक्रवार को वित्त विभाग ने 7वां वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की वृद्धि के आदेश जारी किए। इसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कम से कम 310 और प्रथम श्रेणी अधिकारियों को साढ़े तीन हजार रुपये का लाभ हो सकता है।
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, एक जनवरी से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों और जिनका निधन हो गया, उनके नामांकित सदस्य को राशि का एकमुश्त एरियर भुगतान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सात लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा था।
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए जनवरी 2026 से इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया लेकिन प्रदेश में वृद्धि लंबित रही। इस बीच केंद्र ने महंगाई भत्ते और राहत में तीन प्रतिशत की वृद्धि करके इसे 63 प्रतिशत कर दिया, इसके बाद से प्रदेश के कर्मचारी भी वृद्धि की मांग कर रहे थे।
वित्त विभाग ने पेंशनरों और परिवार पेंशनरों की महंगाई राहत की दरों में भी वृद्धि के आदेश जारी कर दिए। 7वें वेतनमान वाले पेंशनरों को महंगाई राहत 60% की दर से मिलेगी। जबकि, 6वें वेतनमान में यह दर 257 प्रतिशत से बढ़कर 262 हो जाएगी। संशोधित दरें एक जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
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(नोट:- वेतनमान के अनुसार लाभ अधिक भी हो सकता है।)