
डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्य कैबिनेट ने मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, सिंचाई और छात्र कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अपनी स्वीकृति दे दी है। विंध्य विकास पथ योजना के तहत स्टेट हाईवे-63 पर स्थित 105.01 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को दो-लेन से बढ़ाकर फोरलेन किया जाएगा, जिसमें 4470 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर पूरा किया जाएगा, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
जमीन अधिग्रहण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए 344.10 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। वहीं, 4.7 किमी वन भूमि के डायवर्जन और पर्यावरणीय स्वीकृतियों पर 44.19 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस मार्ग पर वर्तमान में 10 हजार पैसेंजर कार यूनिट (PCU) से अधिक ट्रैफिक है, जिसके कारण आए दिन जाम और दुर्घटनाएं होती हैं।
अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों की तर्ज पर अब विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु वर्ग के हॉस्टल्स में रहने वाले छात्रों को भी बेहद कम दर पर राशन मिलेगा। इसके तहत प्रति छात्र 12 किलो तक का पीडीएस अनाज 5 रुपये के बजाय मात्र 1 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य और सिंचाई क्षेत्र की योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने का फैसला किया है, जिस पर आगामी 5 सालों में 24,500 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा।
रतनगढ़ सिंचाई परियोजना: 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य, 1,608 करोड़ रुपये आवंटित।
रामपुरा-मनासा सिंचाई योजना (नीमच): 524 करोड़ रुपये मंजूर।
बंदा वृहद सिंचाई परियोजना (सागर): 1,052 करोड़ रुपये स्वीकृत।
कान्ह डायवर्जन प्रोजेक्ट: इंदौर की नालियों की गंदगी को क्षिप्रा नदी में गिरने से रोकने के लिए 30 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल बनाई जाएगी, जिसके लिए 358.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत हुई है।
प्रदेश के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए 3,113 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सिंगरौली जिला अस्पताल की क्षमता में 155 नए बेड जोड़कर इसे 605 बेड का बनाने के लिए 372 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। मऊगंज, छिंदवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ में नए जिला दफ्तरों के गठन के साथ 12 पदों के सृजन और 2.41 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी मिली है।