
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। पुलिस सलाहकार समिति की बैठक जल्द होने वाली है। इसमें आरक्षक से लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तक लगभग एक लाख पुलिसकर्मियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। छह वर्ष के अंतराल पर पिछले साल सितंबर में यह बैठक हुई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। अब प्रविधान के अनुसार प्रतिवर्ष बैठक करने का प्रयास है।
प्रस्तावित बैठक में पुलिस बल के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, लंबित रिक्तियों को भरने, कार्यक्षमता बढ़ाने और जनसुनवाई को अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। पिछले वर्ष खुले मंच पर चर्चा के दौरान कई कर्मियों ने निजी मेडिकल, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों की बढ़ती फीस का मुद्दा उठाया था। बताया गया था कि कई विद्यार्थी छात्रवृत्ति के दायरे में नहीं आते थे और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए लोन की जरूरत थी।
कई पुलिसकर्मियों ने अपने बच्चों के लिए बिना ब्याज या एक-दो प्रतिशत ब्याज पर राशि उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसी तरह, पुलिस कैंटीन में बिकने वाली महंगी वस्तुओं को (किस्त पर) बेचने की भी मांग की गई थी क्योंकि कई लोगों के पास उन्हें खरीदने के लिए नकद रुपये नहीं होते हैं।
अभी बच्चों की देखभाल केंद्र स्थापित करने की मांग कई पुलिस इकाइयों से आई है। समिति की बैठक के बाद पुलिस मुख्यालय इसकी स्थापना के लिए बजट आवंटित कर सकता है, जिसमें संचालन का खर्च प्रबंधन इकाइयों को करना होगा। इसी प्रकार फील्ड यूनिटों से आराम कक्ष या मनोरंजन कोना स्थापित करने की मांग भी आई है, जिनकी स्वीकृति मिल सकती है।