
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में अब सभी विभागों को अभियान चलाकर अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का निराकरण करना होगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को इस बारे में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जल्द ही इसकी समीक्षा भी करेंगे। प्रदेश में विभिन्न विभागों में लगभग 16,000 अनुकंपा नियुक्ति के मामले लंबित हैं। इनमें लोक निर्माण, वन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, पुलिस एवं गृह, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, नगरीय विकास में मामले अधिक हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग में भी लंबित प्रकरण बहुत थे लेकिन आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी संभागीय अधिकारियों को भोपाल बुलाकर दो दिन में 954 शिक्षक व अन्य कर्मचारियों के प्रकरणों का निराकरण करवाया। भोपाल में कार्यक्रम करके मुख्यमंत्री ने अनुकंपा नियुक्ति के आदेश दिए। इसके साथ ही सभी विभागों को निर्देश दिए थे कि सभी अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ तेजी से करें।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अनुकंपा नियुक्ति के मामले इसलिए लंबित थे, क्योंकि पदोन्नति नहीं हो रही थीं, जिसके कारण पद ही उपलब्ध नही थे। अब चूंकि एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति हो चुकी है इसलिए प्रत्येक संवर्ग में पर्याप्त पद उपलब्ध हो गए होंगे। इसको दृष्टिगत रखते हुए विशेष अभियान चलाकर सभी विभाग लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण करें। बता दें कि अनुकंपा नियुक्ति योजना में शासकीय सेवक की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसके आश्रित को पात्रता अनुसार नौकरी दी जाती है।