भोपाल। Drinking Water शहर में पीने का पानी अब 600 रुपए लीटर मिल रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि अब महंगा पानी पीना भी लोगों के स्टेटस को दिखा रहा है। यह ड्रिंकिंग वाटर लोगों की सेहत के साथ ही उनके स्टेटस सिंबॉल को भी बयां कर रहा है। लोग अपनी हेल्थ को लेकर जागरूक हो रहे हैं, वे पानी को लेकर कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। पहले लोग शुद्ध पानी पीने के लिए घरों में आरओ लगवा रहे थे, लेकिन अब लोग आरओ से भी बेहतर पानी अल्कलाइन वाटर को मानने लगे हैं। पानी की शुद्धता को लेकर लोग अब कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं। बोतल बंद पानी पीने का क्रेज इस तरह बढ़ा है कि लोग घर में लगे आरओ के बावजूद भी दिन भर में कई बोतल पानी खरीदकर पी लेते हैं। शहर में 20 रुपए से 600 रुपए लीटर तक का पानी उपलब्ध है।

हिमालय के ग्लेशियर का पानी भी बोतल बंद

ग्लेशियर पानी का ऐसा शुद्ध रूप है जो हिमालयी नदियों को सदानीरा बनाए रखते हैं। ऐसे में बर्फ ढंकी चोटियों पर मौजूद पानी को अगर ऊपर ही बोतलबंद कर दिया जाए तो उसे सबसे ज्यादा शुद्ध पानी माना जाता है और शायद यही वजह है कि कंपनियां हिमालयी ग्लेशियरों के जलस्त्रोतों को बोतलबंद करके बेचने की बड़ी कवायद कर रही हैं। ग्लेशियर का पानी भी काफी अधिक दामों पर लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जो लोगों की सेहत के लिए बेहतर है।

क्या है एल्कलाइज्ड वाटर

एल्कलाइज्ड वाटर आजकल काफी चयन में है। रिसर्च के मुताबिक एल्कलाइज्ड पानी मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है, रक्त में अम्ल (ऐसिड) को नियंत्रित रखता है और खाने के पोषक तत्वों को आसानी से अवशोषित करने में मदद करता है। यही वजह है कि इन दिनों लोग अपनी सेहत को देखते हुए एल्कलाइज्ड पानी पीना पसंद कर रहे हैं। बाजार में विभिन्न् कंपनियों की आने वाले वाटर बोतल पर अब आरओ और एल्कलाइज्ड वाटर का लेवल देखकर ही लोग इसे ले रहे हैं।

शहर में भी उपलब्ध है कई महंगे ब्रांड

शहर में पानी की शुद्धता को प्रमाणित करते हुए कई बड़े ब्रांड उपलब्ध हैं। ज्यादातर बीमारियां पानी की वजह से होती हैं। शहर में पानी का व्यापार तेजी से उठा है। इसकी वजह है लोगों का सेहत के प्रति जागरूक होना। लोग यदि घर से बाहर निकलते हैं। तो कहीं का भी पानी पीने से बचते हैं। यही वजह है कि शौकीन और सेहत के प्रति जागरूक लोग पूरे दिन पानी की बोतल खरीदकर ही पानी पीते हैं। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.दीपक बहरानी ने बताया कि अब तो आरओ का पानी पीने वाले लोगों में भी टाइफाइड और पीलिया हो रहा है। आरओ में पानी में मौजूद ज्यादातर मिनल्स फिल्टर हो जाते हैं। जिसके कारण ये बीमारियां हो रही हैं। एल्कलाइन पानी की शुद्धता अधिक होती है।

घर में भी पानी को किया जा सकता है एल्कलाइज

1 - पानी का पीएच स्तर निर्धारित करना- पानी को एलकलाइज करने से पहले व बाद में आपको पानी का पीएच स्तर जांच लेना चाहिए। ऐसा करने से आप जान पाएंगे कि आपको अपने पानी में कितना समायोजन करने की आवश्यकता है। स्वाभाविक रूप से पानी का पीएच 7 होता है, लेकिन पानी में पाए जाने वाली अशुद्धियों की वजह से पीएच का पैमाना बाईं तरफ (अधिक एसिडिक) झुक जाता है। शुद्ध पेयजल का पीएच स्तर 8 या 9 होता है, जिसे पानी ऐल्कलाइजिंग के माध्यम से हासिल किया जा सकता है।

2 - पीएच किट खरीदें- अधिकतम स्वास्थ्य केंद्रों में पीएच किट उपलब्ध है। इस किट के साथ पीएच स्ट्रिप्स व रंग चार्ट मिलेंगे।

3 - पानी के पीएच को समझें- पीएच के पैमाने पर यदि पानी 7 से ऊपर की तरफ दिखता है तो पानी बेसिक प्रकृति का होता जबकि 7 से नीचे होने पर पानी का स्वभाव एसिडिक होता है। इसलिए पानी का पीएच स्तर 7 से 9 के बीच रखना चाहिए।

Posted By: Prashant Pandey

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