
अंजली राय, नईदुनिया, भोपाल। पिछली बार पुलिस भर्ती परीक्षा (MP Police Constable Exam 2026) में हुए फर्जीवाड़े ने ग्वालियर और चंबल संभाग के युवाओं का बड़ा नुकसान किया। पिछली गड़बड़ियों से डरे कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी आठ जिलों में परीक्षा केंद्र न बनाने का निर्णय कर लिया है। अब इन जिलों में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का केंद्र नहीं बनेगा। अधिकारियों का कहना है कि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिलों के आवेदकों को आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए नजदीकी जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएंगे। यह निर्णय खुफिया रिपोर्ट और पिछली परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर लिया गया है।
वर्ष 2023 की पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान इस क्षेत्र में कुछ गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं। कुछ अभ्यर्थियों ने आधार में बदलाव कर डमी उम्मीदवार बैठाकर परीक्षा दिलवा दी। कई सफल भी रहे और लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर शारीरिक दक्षता परीक्षा तक पहुंच गए। इसके बाद परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है। इस बार भर्ती परीक्षा में तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा। बड़ा बदलाव यह होगा कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये किया जाएगा। एआई उम्मीदवार की लोकेशन और उपलब्ध सीटों के आधार पर केंद्र तय करेगा, जिससे फर्जीवाड़े और गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बता दें, मध्य प्रदेश में इस वर्ष पुलिस आरक्षक के 7500 पदों पर भर्ती किए जाने की योजना है। ईएसबी ने यह परीक्षा अक्टूबर में आयोजित किए जाने की घोषणा की है। इसमें करीब 10 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। दूसरी परीक्षाओं में भी केंद्र बनाने का संदेह जताते हुए ईएसबी के संचालक अजय कटेसरिया का कहना है कि परीक्षा केंद्रों को लेकर समीक्षा की जा रही है। ग्वालियर-चंबल के केंद्रों का फिल्टरेशन किया जा रहा है, जहां भविष्य में परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं। अन्य परीक्षाओं में भी इन शहरों में केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।
स्मार्ट एडमिट कार्ड जारी होगा। ईएसबी द्वारा स्मार्ट एडमिट कार्ड जारी किए जाने की तैयारी है, जिसमें क्यूआर कोड के रूप में अभ्यर्थी की फोटो और अन्य जानकारी सुरक्षित रहेगी। इसमें कोड स्कैन होते ही अभ्यर्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। परीक्षा केंद्र पर ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
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