
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। देशभर के 500 जिलों को एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने की तैयारी के बीच जबलपुर को इस सूची में शामिल नहीं किए जाने पर राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि क्या जबलपुर को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए कोई सोची-समझी राजनीतिक साजिश की जा रही है।
तन्खा ने कहा कि जबलपुर के लोगों की उदारता और सहनशीलता अब उनकी कमजोरी बन गई है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से होने वाले नुकसान को लेकर किसी को डर नहीं है।
विवेक तन्खा ने कहा कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन को एक्सपोर्ट हब की सूची में शामिल किया गया है, ऐसे में जबलपुर को इसमें जगह क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि नर्मदापुरम की जगह जबलपुर को सूची में शामिल किया जा सकता था।
तन्खा ने जबलपुर में निर्यात की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि शहर में रक्षा उत्पादन, स्टोन क्राफ्ट, हरे मटर और विभिन्न कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रबल संभावनाएं मौजूद हैं।