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भोपाल में नोटरी करने वाले केवल 140 वकील, लेकिन शहर में इसके लिए खुले हजार से ज्यादा दफ्तरों से चल रहा फर्जीवाड़ा

शिकायतकर्ता अधिवक्ता लालचंद भारके का दावा है कि भोपाल में करीब 140 नोटरी अधिवक्ता नियुक्त हैं, जबकि इनके नाम से संचालित होने वाले नोटरी कार्यालयों की ...और पढ़ें

By naman MishraEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 10:10:18 AM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 10:22:11 AM (IST)
भोपाल में नोटरी करने वाले केवल 140 वकील, लेकिन शहर में इसके लिए खुले हजार से ज्यादा दफ्तरों से चल रहा फर्जीवाड़ा
बिना नोटरी अधिवक्ता के दस्तावेज बनते हुए। सौ: अधिवक्ता

HighLights

  1. भोपाल में फर्जी नोटरी का भंडाफोड़ हुआ है
  2. भोपाल में करीब 140 नोटरी अधिवक्ता नियुक्त हैं
  3. लेकिन धड़ल्ले से चल रहे 1000 से ज्यादा ऑफिस

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में नोटरी व्यवस्था को लेकर एक शिकायत ने निगरानी और नियमन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता अधिवक्ता लालचंद भारके का दावा है कि भोपाल में करीब 140 नोटरी अधिवक्ता नियुक्त हैं, जबकि इनके नाम से संचालित होने वाले नोटरी कार्यालयों की संख्या एक हजार से अधिक है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर नोटरी की अनुपस्थिति में दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं और पर्याप्त स्टांप शुल्क के बिना शपथ पत्र प्रमाणित किए जा रहे हैं। शिकायत में नोटरी अधिवक्ता गुलाम निजामुद्दीन अनवर सिद्दीकी के खिलाफ भी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।


शिकायत में क्या आरोप

30 सितंबर 2026 को दी गई शिकायत में भारके ने कहा है कि एक शपथ पत्र उनके नाम से तैयार कराया गया और उस पर नोटरी अधिवक्ता की उपस्थिति तथा प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है। शिकायतकर्ता के अनुसार शपथ पत्र पर पर्याप्त स्टांप शुल्क नहीं लगाया गया और नोटरी टिकट भी चस्पा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शपथ पत्र प्रमाणित करने वाले नोटरी अधिवक्ता मौके पर मौजूद नहीं थे और प्रतिनिधि के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की गई।

नोटरी के लिए क्या हैं नियम?

नोटरी अधिनियम, 1952 और नोटरी नियम, 1956 के तहत नोटरी को अपने नोटरी कार्य का अभिलेख निर्धारित रजिस्टर में रखना होता है। नियमों में ली गई फीस की रसीद देने का प्रावधान बताया गया है। शपथ पत्रों के संबंध में उपलब्ध नियमों में नोटरी रजिस्टर में प्रविष्टि अनिवार्य नहीं बताई गई है, लेकिन अन्य नोटरी कार्यों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। दस्तावेज के अनुसार नोटरी को दस्तावेज पर पर्याप्त स्टांप शुल्क लगा है या नहीं, यह देखना होता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्टांप शुल्क की जांच किए बिना दस्तावेजों का नोटरीकरण होने से राजस्व को नुकसान हो सकता है।

यह भी पढ़ें- प्रदेशभर के नोटरी अधिवक्ताओं के लिए MP स्टेट बार काउंसिल ने जारी की अधिसूचना, नोटरी मैरिज अफसर नहीं, विवाह-तलाक की डीड नहीं कर सकते निष्पादित

निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी जरूरी है

प्रतिनिधि से नोटरी कार्य पर सवालशिकायतकर्ता ने कहा है कि नोटरी को अपने नियुक्त स्थान पर उपस्थित रहकर नोटरी कार्य करना होता है और किसी दूसरे व्यक्ति को प्रतिनिधि बनाकर नोटरी कार्य नहीं कराया जा सकता। उनका आरोप है कि कुछ कार्यालयों में अन्य व्यक्ति दस्तावेज तैयार कर रहे हैं।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही होगी। शिकायत में नोटरी कार्य के दौरान खाली कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप भी लगाया गया है। भारके ने जिला नोटरी अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष को शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।