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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भोपाल में कोरोना की वजह से पिता को खोया, ऐसे बच्चों की जा रही मदद

चाइल्ड लाइन कार्यालय में आरंभ संस्था की ओर से पांच बच्चों को दिए गए स्पांसरशिप चेक।

By Lalit KatariyaEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Mon, 17 Jan 2022 11:15:06 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Jan 2022 01:12:12 PM (IST)
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भोपाल में कोरोना की वजह से पिता को खोया, ऐसे बच्चों की जा रही मदद

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी की वजह से जिन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, ऐसे बच्चों को महिला एवं बाल विकास विभाग स्पांसरशिप योजना से जोड़ रहा है। ऐसे 600 बच्चों को चिह्नित किया गया है। इसी के तहत रविवार को टीटी नगर स्थित चाइल्ड लाइन कार्यालय में आरंभ संस्था द्वारा पांच बच्चों को स्पांसरशिप के चेक दिए गए। इस दौरान बच्चे अपनी माताओं के साथ पहुंचे।

बता दें कि इन बच्चों को भोपाल की विजन संस्था स्पांसर कर रही है। इसके तहत हर बच्चे को प्रति माह दो हजार रुपये उसकी शिक्षा और पोषण के लिए दिए जाएंगे। मौके पर बच्चे के साथ आई महिला अरुणा वर्दे ने बताया कि पति की मृत्यु कोरोना की पहली लहर में 15 मई 2020 को हुई थी। पति शासकीय सेवक थे, लेकिन उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल पाई। उनके दोनों बच्चों को इस योजना के तहत हर माह दो हजार रुपए मिलेंगे। अरुणा बताती हैं कि उनकी 13 साल की बेटी और 10 साल का बेटा दोनों कमला नेहरू स्कूल में पढ़ते हैं। यह स्पांसरशिप बच्चों को शिक्षित करने में मददगार साबित होगी। वहीं, 17 अप्रैल 2021 को पति की मृत्यु के बाद रोहिणी उइके सिलाई का छोटा-मोटा काम करके गुजारा कर रही हैं। उनके 11 और नौ साल के दोनों बच्चों को भी इस योजना के तहत विजन संस्था मदद कर रही है। रोहिणी कहती हैं कि यह बहुत बड़ी मदद है। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल संभाग की संयुक्त संचालक नकीजहां कुरैशी, सहायक संचालक रामगोपाल यादव, आरंभ संस्था की डायरेक्टर अर्चना सहाय, चाइल्ड लाइन की समन्वयक राशि असवानी, विजय यादव एवं चाइल्ड लाइन के अन्य सदस्य उपस्थित थे। बता दें कि महिला बाल विकास विभाग 40 बच्चों और एसओएस 190 बच्चों को स्पांसरशिप दे रहा है।


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