नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पुलिस कमिश्नरी में इन दिनों बाइक सवार लुटेरों को आतंक बढ़ता ही जा रहा है। गोविंदपुरा, बागसेवनिया , पिपलानी और हबीबगंज में लूट की वारदात के बाद इस बार बदमाशों ने कोलार में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपना निशाना बनाया और सिर में चाकू मारकर उससे लूटपाट कर दी। रही सही कसर पुलिस ने मामले में लूट की धारा को झपटमारी में दर्ज कर और पूरे मामले में छिपाकर दिया है। फिलहाल बदमाशों को गिरफ्तारी तो दूर पहचान तक नहीं कर पा रही है।
घटना बुधवार-गुरुवार की रात की और शुक्रवार शाम को एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक डायनेस्टी कॉलोनी सोहागपुर कोलार निवासी 37 वर्षीय जेपी पाल एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उनका ऑफिस शाहपुरा में है। बुधवार-गुरुवार को ऑफिस से काम पूरा करने के बाद वह रात में एक बजे घर के लिए जा रहे थे। कोलार के सोहागपुर रोड उनके बगल से बाइक सवार निकले। उन्होंने रात में उन्हें अकेला पाकर बाइक में धक्का मारकर गिरा दिया। बाद में बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और चाकू निकालकर उनके गले पर अड़ा दिया। बाद में उनके साथ और मारपीट कर उनका पर्स जिसमें 25 सौ रुपये और कागज रखे लूटकर भाग गए।
बाइक से गिरने से जेपी पाल के सिर, पांव और हाथ में चोट आई है। घटना के बाद डर के कारण वह घर चले गए। अगले दिन सुबह उन्होंने स्वजनों को पूरा घटनाक्रम बताया और बाद में शुक्रवार सुबह लिखित शिकायत की। बाद में शाम को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस को इस मामले में सक्रियता दिखाकर आरोपियों की गिरफ्तारी करनी थी, उससे ज्यादा वह लूट की वारदात को छिपाती रही। सुबह की शिकायत पर शाम को एफआईआर दर्ज की गई। जिसकी जानकारी भी छिपा ली गई।
इधर, मोबाइल लूट की वारदात लगातार हो रही है। बागसेवनिया , पिपलानी , गोविंदपुरा और हबीबगंज में मोबाइल छीनने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। यह सब तक हो रहा है कि जब 24 जून 2025 को डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस कमिश्नरी के कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक ली थी, जिसमें कहा था कि सड़कों पर पुलिस नजर आए, लेकिन डीजीपी का आदेश हवा हो चुका है। पुलिस सड़कें से गायब ही है। उन्होंने कहा था कि एसीपी थानों की कार्रवाई पर निगरानी करें।