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भीमबैटका में बनेगा देश का पहला रॉक आर्ट ईको पार्क म्युजियम, 19 करोड़ की लागत से होगा तैयार

MP News: पुरातत्व और शैलचित्र प्रेमी अब भीमबेटका में वहां के शिलचित्रों के साथ ही देश भर में मिले शैल चित्रों के चुनिंदा संस्करणों को संपूर्ण जानकारी ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Wed, 04 Feb 2026 09:16:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Feb 2026 09:16:00 AM (IST)
भीमबैटका में बनेगा देश का पहला रॉक आर्ट ईको पार्क म्युजियम, 19 करोड़ की लागत से होगा तैयार
भीमबैटका में बनेगा रॉक आर्ट ईको पार्क म्युजियम।

HighLights

  1. भीमबैटका में बनेगा रॉक आर्ट ईको पार्क म्युजियम।
  2. 19 करोड़ रुपये की लागत से होगा तैयार।
  3. पर्यटकों को गुफाओं जैसा प्राकृतिक अनुभव मिलेगा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पुरातत्व और शैलचित्र प्रेमी अब भीमबेटका में वहां के शिलचित्रों के साथ ही देश भर में मिले शैल चित्रों के चुनिंदा संस्करणों को संपूर्ण जानकारी के साथ एक ही स्थान पर देख पाएंगे। इसके लिए रायसेन जिले के भीमबेटका में राक आर्ट इको पार्क म्यूजियम बनाने की तैयारी है। यह देश में अपने तरह का पहला म्यूजियम होगा।

प्रागैतिहासिक धरोहर भीमबेटका को नई पहचान देने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन निगम यहां 19 करोड़ रुपये की लागत से राक आर्ट इको पार्क म्यूजियम विकसित कर रहा है। भोपाल के पास स्थित 1.12 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस अनूठे संग्रहालय का निर्माण 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वर्तमान में डीपीआर पर काम चल रहा है।


अस्थायी ढांचे में मिलेगा स्थायी अनुभव पर्यटन बोर्ड के डायरेक्टर प्लानिंग प्रशांत बघेल ने बताया कि प्रस्तावित म्यूजियम की सबसे खास बात इसकी डिजाइन और निर्माण अवधारणा है। इसमें पारंपरिक भवन या हाल बनाने के बजाय अस्थायी सामग्री का उपयोग करके भीमबेटका के मूल परिवेश जैसा ही ईको पार्क’ विकसित किया जाएगा। जहां पर्यटकों को गुफाओं जैसा प्राकृतिक अनुभव मिलेगा।

एक जगह, सारे चित्र का अनुभव

भीमबेटका में शैल चित्रों के कई संकुल (क्लस्टर) हैं, जो लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं। यहां सात पहाड़ियों में कुल 750 से अधिक शैलाश्रय (राक शेल्टर) मौजूद हैं। यह नया म्यूजियम दूर-दराज के और दुर्लभ जंगली क्षेत्रों में स्थित बाकी क्लस्टरों (जैसे जावरा, विनयका, भोंरावली और लाखा जुआर) के सभी अनदेखे शैल चित्रों की रेप्लिका को उनके मूल स्वरूप में प्रदर्शित करेगा, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर पूरे भीमबेटका का अनुभव कर पाएंगे।

म्यूजियम से संबंधित प्रमुख कार्य हो चुके हैं, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। एआई और डिजिटल माध्यम से हम इतिहास को जीवंत करेंगे। - डॉ. इलैया राजा टी, सचिव मप्र पर्यटन विभाग और प्रबंध संचालक पर्यटन बोर्ड