Madhya Pradesh News: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के निवाड़ी, बालाघाट, सतना, डिंडोरी, कटनी में स्थित लौह अयस्क (आयरन ओर), बाक्साइट, चूना पत्थर (लाइमस्टोन), मैग्नीज की 10 खदानें नीलाम हो गई हैं। इनसे आने वाले 50 साल में सरकार को नौ हजार 437 करोड़ 54 लाख रुपये राजस्व मिलेगा। पेसिफिक आयरन मैनिफेक्चरिंग लिमिटेड कटनी ने निवाड़ी जिले की लौह अयस्क खदान धौकन धौर्रा उरदौरा की सबसे अधिक 3125.36 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लीज पर ले ली है।
लीज लेने वाली कंपनियों को पर्यावरण अनुमति लेनी होगी और उत्खनन कार्य योजना तैयार कर खनिज विभाग से अनुमति लेनी होगी। वहीं खदानों में उत्खनन शुरू होते ही करीब 35 हजार लोगों को सीधेतौर पर या परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने करीब छह माह पहले इन खदानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी। पिछले दिनों आनलाइन बोली लगाई गईं। जाम मैग्नीज अयस्क ब्लाक बालाघाट को मेसर्स जितेन्द्र कुमार कुशवाहा सतना ने लिया है। जबकि पहाड़ी नरौरा तिलोरा चूनापत्थर खदान की सबसे अधिक बोली लगाकर रोड-वे सोल्यूशन इंडिया इंफ्रा पुणे ने ले लिया है।
डिंडोरी जिले का पिपरियामल बाक्साइट ब्लाक को आनंद माइनिंग कार्पोरेशन कटनी ने 50 साल की लीज पर लिया है। बालाघाट की मैग्नीज अयस्क खदान ओम सांईराम स्टील जलना, बाक्साइट ब्लाक सतना को संजय राय दमोह, चूना पत्थर खदान अल्ट्राटेक सीमेंट मुंबई, चूनापत्थर एवं बाक्साइट ब्लाक सतना यश लाजिस्टिक सतना और बाक्साइट एवं लेटराइट ब्लाक कटनी को श्री कृष्ण स्टोन क्रेशर ने लीज पर लिया है।
उत्तर प्रदेश-बिहार निर्यात होगा बाक्साइट
एल्युमीनियम, बाक्साइड से तैयार होता है। एल्युमीनियम का कारखाना मध्य प्रदेश में नहीं है। इसलिए इसका निर्यात उत्तर प्रदेश और बिहार किया जाएगा। जबकि इन खदानों से बाक्साइट के अलावा निकलने वाले अन्य अयस्क का उपयोग स्थानीय सीमेंट कारखानों में होगा।