भोपाल। नईदुनिया प्रतिनिधि। पचोर रोड से मक्सी के बीच रेलवे ट्रैक से सटे गांव व कस्बों में रहने वाले हजारों लोगों को धुएं वाली हवा से आजादी मिल गई है। इस ट्रैक की लंबाई 88 किलोमीटर है जहां सालों से सिंगल रेल लाइन पर कोयले व डीजल वाले इंजनों से ट्रेनें दौड़ती थीं। इन इंजनों से निकलने वाला धुआं क्षेत्र की हवा में मिलता था और वातावरण की हवा प्रदूषित होती थी। इसी हवा में लोग सांस लेते थे। अब इस ट्रैक पर विद्युत इंजनों से ट्रेनें दौड़ने लगी है। रविवार से इसकी शुरुआत हो चुकी है। विद्युत इंजनों से धुआं नहीं निकलेगा, हजारों लोगों को शुद्घ प्राणवायु मिलेगी।

बता दें कि गुना से मक्सी तक 214 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक है, जो कि भोपाल रेल मंडल में आता है। इसमें गुना से पचोर रोड तक की दूरी 126 किलोमीटर के करीब है। यह ट्रैक आठ माह पूर्व विद्युतीकृत हो गया है। पचोर रोड से मक्सी तक 88 किलोमीटर का सिंगल रेलवे ट्रैक हैं जो विद्युतीकृत नहीं था इसलिए कोयला और डीजल इंजन से ट्रेनों को चलाया जाता था।

इस पर सालों से विद्युतीकरण का काम चल रहा था जो हाल ही में पूरा हुआ है। 28 जून को रेल संरक्षा आयुक्त एके जैन ने इस काम का जायजा लिया था और उसके बाद विद्युत इंजन से ट्रेनें चलाने की अनुमति दे दी है। बता दें कि पचोर रोड से मक्सी तक 88 किलोमीटर की दूरी में रेलवे ट्रैक क्षेत्र में कई गांव व कस्बे हैं, जहां हजारों लोग सालों से रहते हैं।

जिन्हें कोयला और डीजल इंजन के चलने से निकलने वाले धुएं का सामना करना पड़ता था, जिससे छुटकारा मिल गया है। चौबीस घंटे में 12 ट्रेनें दौड़ती थीं रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि चौबीस घंटे में पचोर रोड-मक्सी के बीच सिंगल लाइन पर छह यात्री ट्रेनें और इतनी ही मालगाड़ी ट्रेनें चलती हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से अभी ट्रेनों की संख्या कम है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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