• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP में पढ़ाई छोड़ चुकीं बेटियां फिर जा सकेंगी स्कूल, प्रदेश में चलेगा 'सरस्वती अभियान', पूरा खर्च उठाएगी सरकार

10वीं, 12वीं की परीक्षा में असफल होकर पढ़ाई छोड़ चुकी बेटियों और महिलाओं की शिक्षा फिर प्रारंभ कराने के लिए सरकार सरस्वती अभियान शुरू करने जा रही है। ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 06 Mar 2026 08:22:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Mar 2026 08:22:02 PM (IST)
MP में पढ़ाई छोड़ चुकीं बेटियां फिर जा सकेंगी स्कूल, प्रदेश में चलेगा 'सरस्वती अभियान', पूरा खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे सरस्वती अभियान का आगाज। (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे सरस्वती अभियान का आगाज
  2. 10वीं-12वीं में फेल हुई बेटियों को शिक्षा का दूसरा मौका
  3. सरस्वती अभियान के माध्यम से कम होगा ड्राप आउट रेट

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। 10वीं, 12वीं की परीक्षा में असफल होकर पढ़ाई छोड़ चुकी बेटियों और महिलाओं की शिक्षा फिर प्रारंभ कराने के लिए सरकार सरस्वती अभियान शुरू करने जा रही है। केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत यह अभियान चलाया जाएगा। इसमें पढ़ाई और परीक्षा शुल्क का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

मुख्यमंत्री 10 मार्च को करेंगे अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (आठ मार्च) के उपलक्ष्य में 10 मार्च को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इसमें लाड़ली लक्ष्मी के अतिरिक्त अन्य बेटियां व महिलाएं भी शामिल हो सकती हैं, जो पढ़ना चाहती हैं। राज्य ओपन बोर्ड के माध्यम से इन्हें 10वीं और 12वीं की पढ़ाई और परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।


ड्राप आउट दर कम करने पर ध्यान

सरकार इस अभियान के माध्यम से बेटियों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्राप आउट) को कम करने के प्रयास में है। बता दें कि हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने लाड़ली लक्ष्मी बेटियों में से 40 हजार से अधिक के कालेज तक नहीं पहुंचने के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। सरकार से भी इस संबंध में जवाब मांगा गया है। विधानसभा के बजट सत्र में भी कांग्रेस के कुछ विधायकों ने यह विषय उठाया था।

यह भी पढ़ें- MPPSC ग्रंथपाल भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 178 पदों पर चयन, योग्य उम्मीदवार न मिलने से 59 पद रह गए खाली

महिला एवं बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी

महिला एवं बाल विकास विभाग इसके लिए नोडल रहेगा। अभियान से बेटियों और महिलाओं को जोड़ने, उन्हें प्रोत्साहित करने का काम विभाग करेगा। शिक्षण का काम स्कूल शिक्षा विभाग करेगा। इसके माध्यम से सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि लाड़ली लक्ष्मी बेटियों में अधिकाधिक को कालेज तक पहुंचाया जाए।