
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों को गति देने के लिए सरकार ने वित्तीय अधिकारों में वृद्धि की है। अब नए निर्माण कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए ग्राम पंचायत को 25 लाख, जनपद पंचायत को 50 लाख, जिला पंचायत और कलेक्टरों को दो करोड़ रुपये तक के अधिकारी दिए गए हैं। वहीं, तकनीकी स्वीकृति के लिए सहायक यंत्री 25 लाख, कार्यपालन यंत्री को दो करोड़ और अधीक्षण यंत्री को पांच करोड़ रुपये तक के अधिकार दिए गए हैं।
वित्त विभाग ने निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय अधिकारों की सीमा में वृद्धि के मंगलवार को आदेश जारी किए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पुराने निर्माण कार्यों में विशेष मरम्मत के लिए तकनीकी स्वीकृति की सीमा सहायक यंत्री को एक लाख, कार्यपालन यंत्री को 15 लाख और अधीक्षण यंत्री को पांच करोड़ रुपये तक दी गई है।
मुख्य अभियंता को संपूर्ण अधिकार रहेगा। विशेष मरम्मत के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की सीमा ग्राम पंचायत के लिए 25 हजार, जनपद पंचायत के लिए 50 हजार, जिला पंचायत के लिए पांच लाख और कलेक्टर के लिए 15 लाख रुपये रहेगी। विकास आयुक्त को इस श्रेणी में भी संपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।
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मुख्य अभियंता को तकनीकी स्वीकृति के लिए संपूर्ण अधिकार प्राप्त होंगे। ग्राम पंचायत स्तर की प्रशासनिक स्वीकृति सरपंच एवं जनपद व जिला पंचायत स्तर पर संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी होगी।
इस संशोधन से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण और मरम्मत कार्यों में स्वीकृति की प्रक्रिया अधिक विकेंद्रीकृत होगी एवं निर्धारित सीमा तक के कार्यों के लिए उच्च स्तर की स्वीकृति लेने की आवश्यकता कम होगी।