
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल में पटाखों के कारोबार के लिए नियम-कायदे बने हैं, लेकिन हलालपुर में दुकानों का विस्तार देखकर इनकी निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में स्वीकृत क्षेत्रफल और मौके पर दुकानों के आकार में भारी अंतर सामने आया है।
कहीं 35 वर्गमीटर की अनुमति के मुकाबले दुकान 165.48 वर्गमीटर तक फैली है, तो कहीं इसी मंजूरी के सामने 825 वर्गमीटर क्षेत्रफल दर्ज है। खसरा नंबर 15 की जमीन का लैंडयूज पीएसपी दर्ज होने के बावजूद यहां आतिशबाजी का बाजार संचालित है। 12 जून 2026 को सोनी पटाखा शॉप में लगी आग के बाद तैयार रिपोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर की हैं।
वर्ष 1997 में पुराने कबाड़खाने से हलालपुर में आतिशबाजी बाजार शिफ्ट किया गया था। उस समय यहां बस्ती नहीं थी। अब आसपास दो पेट्रोल पंप, शादी हाल और बड़ी रिहायशी बस्ती है। ऐसे में आग लगने की स्थिति में आसपास के लोगों की सुरक्षा और आपातकालीन निकासी बड़ी चुनौती बन सकती है।एसडीएम बैरागढ़ की कोर्ट ने इन दुकानों को सार्वजनिक खतरा घोषित करते हुए 13 शर्तें लागू की हैं, जिनका पालन नहीं करने पर कारोबारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
35 वर्गमीटर की मंजूरी के मुकाबले 825 वर्गमीटर तक विस्तार का मामला गंभीर है ।यह स्पष्ट होना चाहिए कि अतिरिक्त निर्माण कब हुआ, इसकी अनुमति किसने दी और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। ज्वलनशील पटाखों के बाजार में सीमित निकासी मार्ग, बिजली सुरक्षा और आसपास की आबादी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
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हलालपुर की पटाखा दुकानों को लेकर लोक न्यूसेंस आदेश जारी किए जा चुके हैं। कारोबारियों के लिए 13 शर्तों का पालन करते हुए कारोबार करने के लिए कहा गया है, यदि इनका उल्लंघन किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।हाईकोर्ट का स्थगन हटते ही सभी को शिफ्ट किया जाएगा। - रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम बैरागढ़