
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक डॉ. हिमांशु जायसवार को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर विभाग के ही पूर्व अधिकारी की बेटी ने 20 लाख रुपये वसूल लिए और इसके बाद भी 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रकम नहीं देने पर महिला ने उनके रिश्तेदारों और परिचितों को ई-मेल भेजकर दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की बात लिखी। साथ ही विभाग में शिकायत करने की धमकी भी दी।
आरोपित महिला से अधिकारी का करीब 13 साल पुराना पारिवारिक संबंध है। उसने शुरूआत में पिता के इलाज और फिर स्वयं के कैंसर इलाज व बेटी की पढ़ाई की जरूरतों का हवाला देकर उधारी मांगी थी, लेकिन जब उन्होंने रकम वापस मांगी तो ब्लैकमेल करने लगी। शिकायत पर हबीबगंज थाना पुलिस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज लिया है। उन्होंने पुलिस को ब्लैकमेलिंग करने की ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत अन्य सबूत सौंपे हैं।
पुलिस के अनुसार 43 वर्षीय डॉ. हिमांशु जायसवार स्वास्थ्य संचालनालय में बतौर उपसंचालक पदस्थ हैं। वर्ष 2013 में उसी विभाग में कार्यरत दिवंगत डॉ. कृष्ण कुमार गौतम की 40 वर्षीय तलाकशुदा बेटी से संपर्क हुआ था। दोनों परिवार आस-पड़ोस में रहते थे और पारिवारिक संबंध थे। शिकायत में डॉ. जायसवार ने बताया कि पहले महिला ने उनकी पत्नी से दोस्ती कर परिवार में विश्वास कायम किया। इसके बाद पिता के इलाज और उनकी मौत के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियां, खुद के कैंसर के इलाज, मां के उपचार, बेटी की पढ़ाई, मकान की ईएमआई, राशन और अन्य घरेलू जरूरतों का हवाला देकर लगातार आर्थिक सहायता लेती रही। उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से करीब 12 लाख रुपये उधार दिए। भरोसा दिलाने के लिए महिला ने पांच लाख रुपये का चेक भी दिया।
डॉ. हिमांशु का आरोप है कि उन्होंने अगस्त 2025 तक महिला को 12.50 लाख रुपये दिए थे। वहीं जब रकम मांगी तो उसने झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। दबाव में आकर उन्होंने नवंबर 2025 में 7.50 लाख रुपये और भी ट्रांसफर किए थे। इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग नहीं रुकी। उसने 25 लाख रुपये की नई मांग शुरू कर दी। साथ ही न देने पर रिश्तेदारों और परिचितों को ई-मेल भेजकर दुष्कर्म के आरोपों का जिक्र किया, विभागीय अधिकारियों के पास शिकायत भेजने की धमकी दी।
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हबीबगंज थाने में मामले की जांच कर रहे एसआई अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि डॉ. जायसवार ने police को ब्लैकमेलिंग की रिकॉर्डिंग, बैंक ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट समेत कई साक्ष्य उपलब्ध करवाए हैं, जिसके बाद केस दर्ज किया गया है।