
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव के चलते गुरुवार को प्रदेशभर में तेज आंधी और झंझावात के साथ कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। वर्षा और बादलों की वजह से पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में भारी गिरावट हुई। सागर में अधिकतम तापमान 8.9 डिग्री की गिरावट के साथ 23.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि सीधी में दिन का पारा 9.0 डिग्री गिरकर 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भोपाल में दिन के तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट रही और यह 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में हिल स्टेशन पचमढ़ी 22.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा, वहीं खरगोन में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शाम 5:30 बजे तक दर्ज आंकड़ों के मुताबिक भोपाल और रायसेन में 5-5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सागर में 4 मिमी, ग्वालियर व मलाजखंड में 3-3 मिमी, सीधी में 2 मिमी और उमरिया में 1 मिमी बारिश दर्ज हुई। बारिश के चलते शाम के समय भोपाल में आर्द्रता 98 प्रतिशत और सागर व मलाजखंड में 95 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई है।
मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि तूफान अर्णव कमजोर होकर अब कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो चुका है और वर्तमान में मध्य छत्तीसगढ़ पर केंद्रित है। इस सिस्टम के प्रभाव से शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से अधिक प्रभावित रहेंगे, जबकि शनिवार को उत्तर-पूर्वी अंचल में असर दिखेगा। मौसम केंद्र ने विदिशा, राजगढ़, गुना, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर और मैहर सहित 33 जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
पूरे प्रदेश में धान की फसल बड़े पैमाने पर होती है। वर्षा की वजह से जमीन गीली हो चुकी है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल धान की फसल को चार-पांच दिन न काटें। उसको पहले अच्छी धूप लगने दें। उसके बाद ही फसल को काटें। अभी फसल काटने पर दाना टूटेगा। उससे दाने का बाजार मूल्य कम होगा। चूंकि अभी जमीन गीली होगी, ऐसे में फसल की कटाई करने पर पौधा जमीन के साथ उखड़ जाएगा। किसान भाइयों को यही सलाह है कि धान की कटाई अच्छी धूप लगने के बाद ही करें। - सतीश परसाई, कृषि कीट विज्ञानी