
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। विभिन्न मौसम प्रणालियों का असर प्रदेश पर पड़ रहा है। दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी नमी ला रही हैं। इसके असर से प्रदेश भर में वर्षा का दौर जारी है, लेकिन इनमें से किसी मौसम प्रणाली के ज्यादा ताकतवर नहीं होने के चलते कहीं भारी वर्षा नहीं हो पा रही है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा मंडला में 81 मिमी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नमी आते रहने से मंगलवार को भी रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रहेगा। दो दिन बाद वर्षा में कुछ तेजी आ सकती है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के गुना, रायसेन, सागर में कहीं-कहीं भारी वर्षा तो भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, मंडला, छिंदवाड़ा और बैतूल में सामान्य वर्षा का अनुमान जताया है।
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मौसम विभाग के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि दक्षिणी गुजरात के तट से लगे उत्तर पूर्वी अरब सागर से लेकर पश्चिमी बिहार तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो मध्यप्रदेश के ऊपर से होकर गुजर रही है। इसके चलते प्रदेश में अरब सागर से नमी आ रही है।
इसके अतिरिक्त एक चक्रवात हरियाणा तो दूसरा दक्षिणी गुजरात में बना हुआ है। इसके साथ ही पाकिस्तान और उससे लगे गुजरात में भी प्रणाली बनी हुई है। सबसे बड़ा कारक हवाओं की दिशा है, जो पूरे प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी बनी हुई है।
इसके असर से प्रदेश में नमी आ रही है। इन सबके चलते प्रदेश के अधिकतर हिस्से भीग रहे हैं, लेकिन भारी वर्षा जैसी स्थिति नहीं बन रही है। मंगलवार को भी ऐसी स्थिति बने रहने का अनुमान है।
प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में रविवार से सोमवार तक रुक-रुक कर वर्षा का दौर चलता रहा। रविवार सुबह 8.30 बजे से सोमवार सुबह 8.30 बजे तक नौगांव में 72 मिमी, रीवा में 57.4 , नरसिंहपुर में 42 तो उमरिया में 31.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
इसके बाद सोमवार दिन में भी मद्धम वर्षा जारी रही और मंडला में फिर 55 मिमी वर्षा दर्ज हुई। इसके अतिरिक्त सीधी में 49 मिमी तो रायसेन में 35 मिमी वर्षा दर्ज की गई। शेष शहरों में दो से 15 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई।