
भोपाल, नवदुनिया न्यूज। 'कई लड़कियां सोचती हैं तीन बार तलाक बोल दिया तो तलाक हो गया, पर ऐसा नहीं है। इसके लिए फाइट करना चाहिए, ताकि मेरे साथ जो हुआ वह दूसरों के साथ न हो। कोई भी धर्म रिश्ते तोड़ना नहीं, बल्कि रिश्ते जोड़ना सिखाता है।' यह बोलते हुए फिरदौस (बदला नाम) फफक पड़ी। मानस भवन में शुक्रवार को मौजूद सैकड़ों लोगों ने तालिया बजा उसका हौसला बढ़ाया तो मंच पर मौजूद लोगों ने आंसू पोंछे।
महिला शोषण मुक्त यात्रा के समापन में बतौर पीड़ित उन्होंने अपना दर्द साझा किया। फिरदौस दांत की डॉक्टर हैं। पिछले साल उनकी शादी हुई थी। इसके बाद वे पति के साथ दुबई चली गईं। वहां पति का फैमिली बिजनेस है। महीने भर नहीं हुए थे कि फिरदौस पर तानों की बरसात होने लगी। पति ने वॉशिंग मशीन में कपड़े धोने से मना कर दिया, बोला मशीन तुम्हारी मां ने नहीं दी है।
फिरदौस ने बताया कि पति को उसकी लाइफ स्टाइल, उसका बनाया खाना पसंद नहीं था। छह महीने बाद पति दिल्ली आया। भोपाल से उससे मिलने गई तो तलाक बोल दिया। यह कहानी अकेली फिरदौस की नहीं है। उनकी तरह कई महिलाओं ने इस कार्यक्रम में आपबीती बताई कि कैसे छोटी से बात में उनका तलाक हो गया। कार्यक्रम का आयोजन वन स्टाप क्राइसिस सेंटर (गौरवी) और एक्शनएड द्वारा किया गया था। इसमें महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े, सत्यमेव जयते की डायरेक्टर स्वाती भत्कल, एक्शन एड की क्षेत्रीय प्रबंधक सारिका सिन्हा मौजूद थीं।
बेटी ने लव मैरिज की तो पति ने दी तलाक
भोपाल की रहने वाली नाजनीन (बदला नाम) बताती हैं कि उनके पति को नारकोटिक्स एक्ट के तहत 10 साल की सजा हुई थी। इस बीच बेटी ने लव मैरिज कर ली। पति जेल से आया तो उसने यह कहते हुए तलाक दे दिया कि बेटी को लव मैरिज क्यों करने दिया।
2 महीने बाद कोमा से लौटी तो पति ने दी तलाक
तलाक को लेकर भोपाल का ही एक और मामला सामने आया तो सब भावुक हो उठे। शहनाज (बदला नाम) शादी के डेढ़ साल बाद किसी बीमारी के चलते कोमा में चली गई। बाद में होश तो आ गया, लेकिन एक तरफ लकवा हो गया। पति ने ऐसे हालात में मदद करने की जगह तलाक दे दिया। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।
दूसरी बीवी के बच्चों को नहीं संभाला तो हो गई तलाक
यह मामला भी भोपाल का है। पति ने दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी के बच्चे थे, इसलिए वह दूसरे पत्नी से बच्चे नहीं चाह रहा था। महिला ने जब बच्चे पैदा करने का दबाव डाला तो पति ने शादी के डेढ़ साल के भीतर ही तलाक दे दिया।
42 जिलों से गुजरी महिला शोषण मुक्ति यात्रा
महिला शोषण मुक्ति यात्रा डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्म स्थल महू से रवाना हुई थी। प्रदेश के 42 जिलों में घूमने के बाद शुक्रवार को भोपाल में इसका समापन हुआ। गौरवी की कोआर्डिनेटर शिवानी सैनी ने बताया कि यात्रा के दौरान 263 सम्मेलन हुए। 40 हजार लोगों से संपर्क किया गया, जिससे कई ऐसे केस निकलकर आए जिनमें एफआईआर नहीं हुई थी।