भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के प्रकोप के चलते लोगों की जीवनशैली में व्यापक बदलाव आया है। यह बदलाव अब शादी-ब्याह के आयोजनों भी नजर आने लगा है, जो कम बजट में ही वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न करने की चाह रखने वाले दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार के लोगों के सपनों को पूरा करने वाला बन गया है। पिछले सालों तक जो लोग बड़े होटलों में शादी करने की इच्छा रखते थे, वे ज्यादा खर्च के चलते मन मारकर अपने बजट के हिसाब से मैरिज गार्डन, धर्मशाला या मांगलिक भवन में शादी करते थे। लेकिन अब कोरोना के प्रभाव के चलते लोग कम खर्च में होटलों में शादी करने का प्लान बना रहे हैं। यही कारण है कि दिसंबर में होने वाली शादियों के लिए लोग मैरिज गार्डन की जगह होटलों को बुक करा रहे हैं। राजधानी में दिसंबर के वैवाहिक मुहूर्त के लिए 90 फीसद से ज्यादा होटलों की बुकिंग हो चुकी है। कई लोगों ने तो तीन सितारा होटलों में भी बुकिंग कराई है। इसका फायदा यह है कि भोजन, मंडप, बारात स्वागत एवं साज-सज्जा जैसी सारी व्यवस्थाएं होटल प्रबंधन ही करने का भरोसा दे रहा है।
दिसंबर की पहले से बुकिंग
भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकृपाल सिंह पाली का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण अधिकतम 200 मेहमानों को शादी में शामिल होने की अनुमति है। इस वजह से लोग होटलों का चुनाव कर रहे हैं, क्योंकि यहां शादी होने से सारी व्यवस्था प्रबंधन ही करता है। इसलिए भी लोग होटलों के हॉल को बुक करा रहे हैं। मेहमानों की संख्या कम रहेगी, इसके चलते भी सारी व्यवस्था में आसानी हो जाएगी। दूसरी बात यह कि भुगतान सिर्फ भोजन की प्रति प्लेट के हिसाब से करना होता है, बाकी खर्च बच जाते हैं। जबकि मैरिज गार्डन, मांगलिक भवन या धर्मशाला में छोटी से लेकर बड़ी सभी व्यवस्था व्यक्ति को खुद ही करनी पड़ती है।
200 से अधिक मेहमानों की अनुमति नहीं
- कोरोना के चलते शादी में सिर्फ 200 मेहमानों को ही अनुमति है।
- नियमानुसार होटल की क्षमता यदि 200 है तो वहां 100 मेहमान ही आ सकते हैं। यदि 100 की क्षमता है तो 50 ही बुलाए जा सकेंगे।
- भले ही होटलों की क्षमता एक हजार से ज्यादा हो, पर अधिकतम मेहमानों की संख्या 200 से अधिक नहीं होगी।
- पिछले सालों तक मेहमानों की संख्या निर्धारित नहीं थी। इस कारण मैरिज गार्डन में ही शादी समारोह होते थे। कोरोना की वजह से मेहमानों की संख्या निर्धारित है।