
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया भोपाल। पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता (ईएनसी) जेपी मेहरा के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कार्रवाई की है। ईडी ने मेहरा और उनके परिवार के लोगों की 67.25 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी तौर पर बंधक कर ली है। इसमें नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित 70 एकड़ का कस्तूरी फार्म हाउस, रिहायसी संपत्तियां और ज्वेलरी शामिल है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत यह कार्रवाई की है।
ईडी विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त, भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मेहरा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। आय से अधिक संपत्ति के आरोप में यह एफआइआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने मेहरा से जुड़े स्थानों पर छापेमारी भी की थी। ईडी की जांच में पता चला है कि चार मार्च 1985 से 29 फरवरी 2024 की जांच अवधि के दौरान मेहरा ने लोक निर्माण विभाग में सेवा करते हुए, कथित तौर पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।
एफआइआर के अनुसार, लगभग चार करोड़ रुपये की वैध आय की तुलना में कुल संपत्ति और खर्च 10 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया। इस प्रकार छह करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आई। लोकायुक्त पुलिस ने मेहरा से जुड़े विभिन्न परिसरों से 8.79 लाख रुपये की नकदी और लगभग 3.51 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए थे। इस तरह 67.25 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति पाई गई। ईडी द्वारा शीघ्र ही यह जानकारी लोकायुक्त पुलिस से साझा की जाएगी।
उधर, ईडी ने आलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार के सदस्यों की लगभग 18.20 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से बंधक कर लिया है। जांच एजेंसी ने लोकायुक्त पुलिस में इंदौर में दर्ज एफआइआर के आधार पर जांच प्रारंभ की थी।
जांच में पता चला कि भदौरिया ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति जमा कर ली थी। लगभग दो करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने लगभग 11.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की और खर्च किए।