नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। वेतन वृद्धि और नियमितीकरण सहित लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदेशभर के सफाईकर्मियों ने भोपाल में प्रदर्शन किया। अखिल भारत सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले हुए प्रदर्शन में प्रदेश के 57 जिलों से कर्मचारी, महिला सफाईकर्मी और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।
शाहजहांनी पार्क में सुबह नौ से प्रदर्शन पर बैठे सफाईकर्मियों से कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इस पर सफाई कर्मियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए सीएम हाउस की ओर कूच कर दिया, जिन्हें पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे के पास रोक दिया।
इसके बाद सफाई कर्मचारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शन से लगा जाम
करीब दो घंटे तक अधिकारियों की समझाइश के बाद उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपना प्रदर्शन किया। वहीं, मांगें पूरी नहीं होने पर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। जहांगीराबाद चौराहा के पास चक्का जाम की वजह से काली मंदिर रोड, लाल परेड मैदान रोड, जिंसी रोड पर जाम जैसे हालत बन गए, जिससे घंटों तक वाहन जाम में फंस रहे।
वहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने नगर निगम की परेशानी बढ़ा दी है। दीपावली से ठीक पहले सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो सकती है।
इधर, निगम ने शुरू किया विशेष सफाई अभियान
इस आंदोलन का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। खास बात यह है कि हड़ताल की चेतावनी के बीच नगर निगम ने मंगलवार से ही सभी वार्डों में विशेष सफाई और फागिंग अभियान शुरू कर दिया है। सुबह छह से 11 और दोपहर 12 से तीन बजे तक सफाई के लिए डंपर, जेसीबी और अन्य मशीनरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
शाम 4 से रात 8 बजे तक फॉगिंग, घरों में जमा पानी की जांच और लार्वा मिलने पर स्पाट फाइन भी किया जाएगा। इस अभियान के लिए अपर आयुक्त द्वारा जारी किए गए आदेश में लापरवाही या उदासीनता बरतने पर उत्तरदायित्व तय करने की चेतावनी भी दी गई है।
मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगन झांझोट ने बताया कि यह सरकार को दिया गया अंतिम ज्ञापन है। संगठन पिछले 20 से 25 वर्षों से सफाईकर्मियों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। इस दौरान दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की सरकारें सत्ता में रहीं, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
झांझोट ने कहा कि मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। अब आंदोलन की अगली रणनीति कर्मचारी खुद तय करेंगे। सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो बुधवार से हड़ताल होगी।
चक्काजाम से तीन घंटे तक कई रास्तों पर लगा रहा जाम
सफाईकर्मियों के प्रदर्शन और चक्काजाम से मंगलवार को पुराने शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जहांगीराबाद चौराहे पर प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। जहांगीराबाद, लाल परेड मैदान, काली मंदिर रोड से लेकर भारत टाकीज तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सैकड़ों वाहन करीब तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। इससे नौकरीपेशा लोगों, बाजार जाने वालों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
प्रदर्शन के कारण यातायात पुलिस को कई मार्गों पर वाहनों का आवागमन डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से राहत नहीं मिल सकी।
पुलिस कंट्रोल रूम के सामने और पुराने शहर के अन्य हिस्सों में भी जाम की स्थिति बनी रही। यातायात को सामान्य करने के लिए यातायात पुलिस को घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।