
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। हर रोज भोपाल से हजारों यात्री ट्रेनों के माध्यम से सफर करते हैं, लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसी यात्री को कोच में गंदगी से जूझना पड़ता है तो कहीं समय पर कंबल और बेडशीट नहीं मिलती। वहीं, कई बार सीट को लेकर यात्रियों के बीच विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। इन समस्याओं की शिकायत 139 नंबर पर करने के बाद समाधान में लगने वाला समय यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा देता है।
यात्रियों की इन्हीं दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए भोपाल मंडल ने एक नई पहल की है। डीआरएम कार्यालय में स्थापित वार रूम के माध्यम से अब यात्रियों की शिकायतों का समाधान मात्र 20 मिनट में करने की व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया जा सके।
यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रेल मदद प्लेटफार्म को सीधे वार रूम से जोड़ा गया है। यात्री 'रेल मदद' मोबाइल एप, हेल्पलाइन नंबर या ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से अपनी समस्या आसानी से दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज होते ही वह सीधे भोपाल डीआरएम कार्यालय के वार रूम तक पहुंच जाती है, जहां संबंधित विभाग के अधिकारी तुरंत कार्रवाई करते हैं।

वार रूम में शिकायत दर्ज होने के बाद उसे अधिकतम 30 मिनट के भीतर हल करने का लक्ष्य तय किया गया है। वार रूम में तीन शिफ्ट में स्टाफ तैनात रहता है, जिसमें प्रत्येक शिफ्ट में छह कर्मचारी लगातार निगरानी करते हैं। जैसे ही रेल मदद के माध्यम से कोई शिकायत प्राप्त होती है, वार रूम से तुरंत संबंधित ट्रेन और विभाग के स्टाफ को फोन पर सूचना दे दी जाती है, जिससे औसतन 20 मिनट के भीतर समस्या का समाधान कर दिया जाता है। साथ ही शिकायत का स्टेटस ट्रैक किया जाता है और समाधान के बाद यात्री से फीडबैक भी लिया जाता है।
वार रूम में वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को शामिल किया गया है। यहां ऑपरेटिंग, कमर्शियल, इंजीनियरिंग व सुरक्षा विभाग के अधिकारी शिकायतों की निगरानी करते हैं और समन्वय से तुरंत निर्णय लेते हैं। भोपाल डिवीजन में प्रतिदिन 150 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं और इनका समयबद्ध निस्तारण संभव हो पा रहा है।
भोपाल मंडल ने रेल मदद पोर्टल पर अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 के बीच आई 32,714 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया है। वार रूम से कोच व स्टेशन की सफाई, पेयजल व शौचालय, एसी-लाइट खराबी, ट्रेन देरी, टिकट आदि समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा रहा है। - सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम