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एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले... इंदौर मेट्रो से लेकर 94 गांवों के पुनर्वास तक, सरकार खर्च करेगी ₹24,200 करोड़

भोपाल के बाद सरकार ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की लागत में वृद्धि के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। अब इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की कुल लागत 19,472 करोड...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 16 Jun 2026 08:36:19 PM (IST)Updated Date: Tue, 16 Jun 2026 08:36:19 PM (IST)
एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले... इंदौर मेट्रो से लेकर 94 गांवों के पुनर्वास तक, सरकार खर्च करेगी ₹24,200 करोड़
एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले... इंदौर मेट्रो से लेकर 94 गांवों के पुनर्वास तक

HighLights

  1. भूमिगत लाइन के कारण इंदौर मेट्रो की कुल लागत अब ₹19,472 करोड़ होगी
  2. प्रोजेक्ट टाइगर-एलीफेंट व 94 गांवों के पुनर्वास को ₹2,381 करोड़ मंजूर
  3. श्रमिक कल्याण, जनजातीय शिक्षा और रेशम उत्पादन योजनाएं 2031 तक रहेंगी चालू

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भोपाल के बाद सरकार ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की लागत में वृद्धि के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। अब इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की कुल लागत 19,472 करोड़ रुपये होगी। इसमें 6,582 करोड़ रुपये की ऋण राशि भी शामिल है। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति दी गई।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मेट्रो रेल परियोजना की लागत में भूमिगत लाइन सहित अन्य कारण से वृद्धि हुई है। इसकी मूल लागत 7,500 करोड़ रुपये थी, जिसमें 5,388 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर पुनरीक्षित लागत 12 हजार 889 करोड़ रुपये होगी। इसके अतिरिक्त परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण पीपीपी घटक एवं आंतरिक ऋण के प्रभाव को सम्मिलित करते हुए 6,582 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।


कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय...#CabinetMP pic.twitter.com/ewvGBvwlYW

— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 16, 2026

प्रोजेक्ट टाइगर, एलीफेंट और ग्रामों के पुनर्वास के लिए 2,381 करोड़ की स्वीकृति

बैठक में प्रोजेक्ट टाइगर एंड एलीफेंट और ग्रामों के पुनर्वास के लिए मुआवजा संबंधी योजना को एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक चलाने की स्वीकृति दी गई। इस अवधि में 2,381 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इससे प्रदेश के टाइगर रिजर्व, कूनो राष्ट्रीय उद्यान तथा गांधीसागर अभयारण्य में वन एवं वन्य-प्राणी सुरक्षा के लिए हैबीटेट सुधार, अग्नि एवं वन सुरक्षा, जल स्रोतों का विकास, वन मार्गों का रखरखाव, आवश्यक संरचनाओं का निर्माण एवं रखरखाव, हाथियों का प्रबंधन एवं सुरक्षा कार्य, रेस्क्यू सामग्री क्रय, कैंप निर्माण, दवाई क्रय एवं हाथियों के लिए भोजन व्यवस्था के काम होंगे। संजय, सतपुड़ा, पन्ना, वीरांगना दुर्गावती और रातापानी टाइगर रिजर्व के साथ ओरछा अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत 94 ग्रामों का पुनर्वास किया जाएगा।

श्रमिक कल्याण, शैक्षणिक सुविधाओं और रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना रहेगी निरंतर

बैठक में श्रमिक कल्याण, जनजातीय विद्यार्थियों की शैक्षणिक सुविधाओं और रेशम उत्पादन तथा 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखी जाने वाली योजनाओं को स्वीकृति दी गई। इसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, इंदौर में स्थित हायजिन लैब का आधुनिकीकरण, बाल श्रमिक सर्वेक्षण, बंधक मजदूरों का पुनर्वास, असंगठित शहरी व ग्रामीण कर्मकार मंडल की स्थापना सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।

इसी तरह प्रदेश के 22 जिलों में कार्यरत 32 अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित शैक्षणिक, छात्रावास, आश्रम शाला, बालवाड़ी, आरोग्य केंद्र आदि संस्थाओं के कर्मचारियों के वेतन-भत्ते एवं संचालन के लिए अनुदान का प्रविधान किया है। रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने की गतिविधियां भी जारी रखी जाएंगी।

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