
नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। ग्रेटर नोएडा निवासी त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने बुधवार से साक्ष्य संकलन की जांच की रफ्तार और तेज कर दी है। इसी सिलसिले में सीबीआइ की तीन सदस्यीय एक नई टीम बुधवार को भोपाल पहुंच गई है,जिसमें फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। इस बदलाव के तहत पुरानी टीम से दो सदस्यों को विश्राम देकर दिल्ली के लिए रवानगी दी गई है।
यह नई टीम एम्स दिल्ली के डाॅक्टरों द्वारा तैयार की जा रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करेगी। सूत्रों के अनुसार, आगामी एक-दो दिनों में यह रिपोर्ट माननीय हाईकोर्ट में पेश की जाएगी, जिसके बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया जाएगा।
इस बीच, सीबीआई की टीम ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए कटारा हिल्स थाना पुलिस के दो कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
साथ पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि कटाराहिल्स थाने के एसआई दिनेश शर्मा की प्राथमिक जांच का जिम्मा एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप को दी गई है। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि त्विषा शर्मा ने जिस बेल्ट से फांसी लगाई थी, उसे देर से क्याें डाॅक्टरों को दिया गया था।
दूसरी ओर, इस मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए मुख्य आरोपितों सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के जेल के शुरुआती 18 घंटे सामान्य दिनचर्या के बीच बीते। जेल परिसर में दाखिल होने के बाद दोनों का शुरूआती मेडिकल चेकअप कराया गया। जहां दोनाें आरोपित का स्वस्थ सामान्य बताया गया। जेल में पहली रात जहां पूर्व जज गिरिबाला ने आराम से पूरी नींद ली, वहीं आरोपी समर्थ रात में बैरक में घूमता नजर आया। वह अपने साथ ''द प्रेग्नेंट किंग'' नामक उपन्यास लेकर आया है, जिसे वह देर रात तक पढ़ता रहा।
कोर्ट द्वारा आरोपितों को अन्य बंदियों से अलग रखने की मांग स्वीकार किए जाने के बाद जेल प्रशासन ने दोनों को पृथक बैरकों में रखा है। गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड के मेडिकल ''अ'' खंड में रखकर बंदी नंबर 71 आवंटित किया गया है। वहीं, समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-4 के ''ब'' खंड में रखा गया है और उसे बंदी नंबर 1782 मिला है। बुधवार सुबह दोनों से मुलाकात करने के लिए गिरिबाला का बड़ा बेटा सिद्धार्थ जेल पहुंचा, जिसने पहले भाई समर्थ और फिर मां से बातचीत की।