खाना टेस्टी न बनाने पर IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता ने कुक से की मारपीट, भोपाल में मामला दर्ज
IPL Shashank Singh और उनके पिता पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह पर रसोइए ने मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
Publish Date: Tue, 30 Jun 2026 07:43:06 AM (IST)Updated Date: Tue, 30 Jun 2026 08:31:01 AM (IST)
क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड IPS पिता पर कुक से मारपीट करने का आरोप। (नईदुनिया)HighLights
- रसोइए विपेंद्र सिंह ने मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाया।
- पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह, शशांक सिंह और ड्राइवर पर केस दर्ज।
- शिकायत के अनुसार मोबाइल मांगने पर विवाद के बाद मारपीट हुई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आईपीएएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह पर उनके रसोइए (कुक) ने मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में शैलेष सिंह और शशांक सिंह समेत तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ये है पूरा मामला
- रातीबड़ पुलिस के अनुसार रीवा के रहने वाले 31 वर्षीय विपेंद्र सिंह ने पुलिस शिकायत में बताया कि 25 जून को नीलबड़ (मेंडोरी रोड) स्थित डीजी शैलेश सिंह के घर 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर खाना बनाने का काम करता था।
काम पर रखने के बाद से ही परिवार के लोग उसमें कमियां निकालने लगे व उसका मोबाइल फोन छीन लिया। 28 जून की सुबह करीब 9 बजे विपेंद्र ने नाश्ता बनाने के बाद मोबाइल वापस मांगा, तो मकान मालिक शैलेश सिंह ने मना कर दिया।
उसके बाद शैलेश सिंह, उनका बेटा शशांक सिंह और ड्राइवर उनके कमरे में घुस गए। उन्होंने गालियां दीं और मारपीट की। उसे घर से बाहर निकाल दिया। आरोपी डीजी शैलेष सिंह ने नहीं की बात
शिकायत पर रातीबड़ पुलिस ने शैलेश सिंह, शशांक सिंह व ड्राइवर के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। पूरे मामले में डीजी शैलेष सिंह पक्ष जानने उनको फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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आरोप निराधार
मेरे ऊपर मारपीट समेत तमाम आरोप झूठे लगाए और वह निराधार है। मुझे इसकी जानकारी भी नहीं है। शशांक सिंह, क्रिकेटर व पूर्व स्पेशल डीजी का बेटा
मामला दर्ज कर शुरू की जांच
एक युवक से मारपीट में पूर्व डीजी और उनके बेटे समेत तीन पर एफआइआर दर्ज कर मामले को जांच में लिया गया है। संजय कुमार, पुलिस आयुक्त
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
रातीबड़ पुलिस ने शिकायत के बाद मेडिकल टेस्ट कराया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई है। उसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया है। इसमें धारा 296(B) (अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना/मारपीट) और धारा 3(5) (साझा आपराधिक दायित्व/समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) जैसी धाराएं जोड़ी गई हैं।