MP में RBSK भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र में गड़बड़ी: फर्जीवाड़े के बावजूद निरस्त नहीं हुए आवेदन, NHM ने दिया सुधार का मौका
एमपी ऑनलाइन एवं विभाग द्वारा अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड किए गए प्रमाण पत्रों के परीक्षण में पाया कि कई अभ्यर्थियों ने वांछित सीएमएचओ द्वारा जारी प्रमाण ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 04:17:53 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 04:17:53 PM (IST)
आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर गड़बड़ी सामने आई।HighLights
- आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी भर्ती में हुआ फर्जीवाड़ा
- अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर गड़बड़ी सामने आई
- CMHO से प्रमाणपत्र बनवाकर जमा करने का मौका दिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी के 328 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आया है। भर्ती नियम पुस्तिका में उल्लेख है कि कोविड-19 अनुभव प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी होना अनिवार्य है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपलोड कर दिए।
जांच के बाद इसकी पुष्टि होने के बाद अब फिर से उनकी भर्ती की जा रही है।
कोविड-19 अनुभव प्रमाण पत्र में गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत आरबीएसके चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, यूनानी) पद के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस दौरान अभ्यर्थियों से ऑनलाइन कोविड-19 अनुभव प्रमाण पत्र मांगे गए थे।
एमपी ऑनलाइन एवं विभाग द्वारा अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड किए गए प्रमाण पत्रों के परीक्षण में पाया गया कि कई अभ्यर्थियों ने वांछित सीएमएचओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र के स्थान पर अन्य अधिकारियों (वरिष्ठ/कनिष्ठ) द्वारा जारी प्रमाण पत्र अपलोड किए हैं।
सीएमएचओ ने जारी नहीं किया प्रमाण पत्र
नियमानुसार ऐसी स्थिति में उम्मीदवारी निरस्त होनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने नैसर्गिक न्याय सिद्धान्त का हवाला देते हुए उन्हें सुधार का मौका दे दिया। विभाग ने नोट जारी कर कहा कि ऐसे सभी अभ्यर्थियों को पुनः वांछित सीएमएचओ द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र ऑनलाइन लिमिटेड करने होंगे।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे उन ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने पहले ही नियमानुसार सीएमएचओ से जारी प्रमाण पत्र लगाया था।
साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि दोबारा मौका देने से अपात्र अभ्यर्थी जुगाड़ से सीएमएचओ के हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र बनवाकर पात्र बन जाएंगे।
बतादें कि इस भर्ती में आयुर्वेद के 148, होम्योपैथी के 148 और यूनानी के 32 यानी कुल 328 पदों पर भर्ती होनी है।
संबंधित अभ्यर्थियों को दस्तावेज में सुधार का अवसर दिया गया है। केवल प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी से संबंधित कमी के आधार पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय उसे निर्धारित अधिकारी से प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना उचित है।- डॉ. राकेश बोहरे, वरिष्ठ संचालक मानव संसाधन, एनएचएम