• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

भोपाल में जमीअत उलमा-ए-हिंद ने किया समान नागरिक संहिता का विरोध और फलस्तीन का समर्थन

जमीअत उलमा-ए-हिंद की भोपाल में हुई गवर्निंग बाड़ी की बैठक में बढ़ती नफरत और इस्लामोफोबिया की बात कहते हुए इसे रोकने, लव जिहाद की अवधारणा, फलस्तीन की च...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 01 Dec 2025 09:49:23 AM (IST)Updated Date: Mon, 01 Dec 2025 10:01:46 AM (IST)
भोपाल में जमीअत उलमा-ए-हिंद ने किया समान नागरिक संहिता का विरोध और फलस्तीन का समर्थन
जमीअत की प्रबंधन समिति में दारुल उलूम देवबंद के शिक्षक मौलाना मोहम्मद सलमान बिजनौरी और कारी मुहम्मद अमीन पोकन को उपाध्यक्ष चुना गया। - फाइल फोटो

HighLights

  1. बैठक में इस्लामिक माहौल वाले आधुनिक स्कूलों की स्थापना पर जोर दिया गया।
  2. ईमान सबसे बड़ी नेमत है और इसकी रक्षा के लिए हर त्याग दिया जा सकता है।
  3. मदरसों पर लग रहे आरोपों को निराधार बताया, मदरसों में आकर देखने का न्योता दिया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जमीअत उलमा-ए-हिंद की भोपाल में हुई गवर्निंग बाड़ी की बैठक में समान नागरिक संहिता और वक्फ संशोधन का विरोध व फलस्तीन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। इस्लामिक माहौल वाले आधुनिक स्कूलों की स्थापना पर जोर दिया गया। दारुल उलूम देवबंद के प्रोफेसर मौलाना मोहम्मद सलमान बिजनौरी ने कहा कि ईमान सबसे बड़ी नेमत है और इसकी रक्षा के लिए हर त्याग दिया जा सकता है।

इसी उद्देश्य से इस्लामी माहौल वाले स्कूलों की स्थापना अपरिहार्य हो गई है, अन्यथा हमारी पीढ़ियां बौद्धिक और धार्मिक भटकाव का शिकार हो सकती हैं। उन्होंने मदरसों पर लग रहे आरोपों को निराधार बताया और विरोधियों को खुद मदरसों का दौरा करने का न्योता दिया। जमीअत उलमा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष सैयद नोमान शाहजहांपुरी ने इस्लामी मदरसों के संरक्षण और इस्लामी वातावरण में आधुनिक स्कूलों की स्थापना संबंधी एक प्रस्ताव पेश किया।


बैठक में देशभर से 1500 लोग शामिल हुए

इस प्रस्ताव में इसकी जरूरत और लक्ष्यों को लेकर पूरा खाका पेश किया गया। बैठक में बढ़ती नफरत और इस्लामोफोबिया की बात कहते हुए इसे रोकने, लव जिहाद की अवधारणा, फलस्तीन की चिंताजनक स्थिति, समान नागरिक संहिता, असम और एसआइआर की स्थिति और वक्फ संशोधन अधिनियम पर जमीअत के रुख से जुड़ा प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस बैठक में पूरे देश से 1500 लोग शामिल हुए थे।

बिजनौरी और पोकन बने उपाध्यक्ष, शौकत कोषाध्यक्ष

जमीअत की प्रबंधन समिति में दारुल उलूम देवबंद के शिक्षक मौलाना मोहम्मद सलमान बिजनौरी और कारी मुहम्मद अमीन पोकन को उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं कारी मोहम्मद शौकत अली वेट को कोषाध्यक्ष चुना गया।