
Kamalnath डिजिटल डेस्क। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सोमवार को भोपाल में एक बार फिर साफ किया कि वे दिल्ली नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे मध्य प्रदेश में काम करने का मौका मिला है, मैं दिल्ली क्यों जाऊं। यहीं सक्रिय रहूंगा। दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह से प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन किया गया, उससे यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे दिल्ली जाकर केंद्र की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं।
उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मीडिया के सवाल पर कमल नाथ ने कहा यह केंद्रीय संगठन का निर्णय है और इस बारे में वही कुछ बता सकता है। विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए को लेकर कहा कि अभी बातचीत चल रही है। इसका भविष्य अच्छा है। उम्मीद करते हैं कि जल्द ही कुछ सकारात्मक चीजें सामने आएंगी।
उधर, प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कमल नाथ से त्यागपत्र लिए जाने के सवाल पर कहा कि कमल नाथ प्रदेश ही नहीं देश के बड़े नेता हैं। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दूसरे ही दिन उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था। शीर्ष नेतृत्व ने ही उनसे कहा था कि जब तक कि नया अध्यक्ष नहीं बनता है, तब तक वे ही पद पर बने रहेंगे। वे प्रदेश के बड़े नेता हैं और आगे भी रहेंगे।
उधर, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने छिंदवाड़ा से विधायक कमल नाथ को शपथ दिलाई। वे विदेश प्रवास पर होने के कारण विधानसभा के प्रथम सत्र में भाग नहीं ले सके थे। उन्होंने अनुपस्थित रहने की अनुमति विधानसभा से मांगी थी, जिसे सदन द्वारा स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद उन्होंने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अध्यक्ष के सभाकक्ष में शपथ ली। उनके साथ परासिया से विधायक सोहन बाल्मीक ने भी शपथ ली। वे भी पारिवारिक कारणों से सत्र में उपस्थित नहीं हो पाए थे।
#WATCH भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की उपस्थिति में विधायक पद की शपथ ली। pic.twitter.com/hBlYrX0Rfh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2024
बता दे कि कमल नाथ विदेश प्रवास पर थे, जिसके चलते वे विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र में उपस्थित नहीं हो पाए थे। इसकी सूचना उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को दी थी और सदन ने अनुज्ञा प्रदान की थी।
वहीं कमल नाथ के अतिरिक्त परासिया से कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीक और कसरावद से विधायक सचिन यादव भी व्यक्तिगत कारणों से शपथ के लिए आयोजित सत्र में भाग नहीं ले पाए थे। इन विधायकों को भी सोमवार को शपथ दिलाई गई।