KBC News: केबीसी की हाट सीट पर नजर आए भोपाल के दीपेश, बिग बी के सामने हुई बोलती बंद
पेशे से एंकर व टीवी पत्रकार दीपेश जैन ने केबीसी में जीती 12 लाख 50 हजार रुपये की रकम। दीपेश ने बताया कि एंकरिंग के क्षेत्र में रहते हुए कई सेलिब्रिटीज ...और पढ़ें
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Tue, 18 Oct 2022 08:48:01 AM (IST)Updated Date: Tue, 18 Oct 2022 08:49:01 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल के रहने वाले टीवी पत्रकार, एंकर दीपेश जैन सोमवार को लोकप्रिय टीवी गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) में हाट सीट पर नजर आए। राजधानी के कुंजन नगर में रहने वाले दीपेश जैन करीब 20 साल से केबीसी की हाट सीट तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। यहां तक कि उन्होंने केबीसी की ट्यून भी मोबाइल पर रिंगटोन के रूप में लगा रखी थी। यह जानकारी उन्होंने बिग बी को दी। इस मौके पर आडियंस में उनकी पत्नी रूबी जैन भी मौजूद थी। उन्होंने इस गेम शो में 12 लाख 50 हजार रुपये जीतने में सफलता पाई।
वर्तमान में भोपाल के एक निजी न्यूज चैनल में कार्यरत दीपेश ने नवदुनिया से बातचीत में बताया कि केबीसी हाट सीट पर जाना मेरे लिए सपने जैसा था। अब जबकि मैं केबीसी में 12 लाख 50 हजार रुपये जीत चुका हूं। मैं ये रुपये इन्वेस्ट करूंगा। दीपेश ने बताया कि एंकरिंग के क्षेत्र में रहते हुए कई सेलिब्रिटीज, नेताओं का इंटरव्यू लिया है, लेकिन अमिताभ बच्चन के सामने बोलती ही बंद हो गई थी, लेकिन उन्होंने काफी सपोर्ट किया।
फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट के तीनों राउंड में दीपेश का नाम शीर्ष पर नहीं था था, लेकिन तीनों राउंड को मिलाकर सबसे कम समय में जवाब देकर दीपेश लीडर बोर्ड में टाप पर आ गए। इस तरह सोमवार के एपिसोड की शुरुआत ही दीपेश से हुई। हाट सीट पर बैठते ही उन्होंने अपना परिचय न्यूज एंकर के अंदाज में दिया। उन्होंने बातचीत में बताया कि एंकर भले ही स्क्रीन पर मुस्कुराते दिखते हैं, लेकिन पीछे से उन्हें खूब डांट पड़ रही होती है। केबीसी में 10 हजार रुपये का पड़ाव पार करने पर उन्होंने बताया कि ये रुपये अपने साढ़े पांच साल के बेटे पर्व को दूंगा। उसने वादा लिया था कि केबीसी से रुपये जीतने पर साइकिल दिलवाना। तीन लाख 20 हजार का पड़ाव पार करने पर उन्होंने कहा कि इससे पत्नी को गहने दिलवाऊंगा, क्योंकि बुरे समय में उसने मेरा साथ दिया और अपने गहने तक बेच दिए। दीपेश ने बताया कि कोरोना काल में मेरी नौकरी चली गई थी। सारी जमा पूंजी खत्म हो गई। उस समय मुझे अहसास हुआ कि यह क्षेत्र स्थिर नहीं है। मन में डर भी बैठ गया और लगा कि बेटे के लिए कुछ करना है। आज यहां से जितनी भी रकम जीत कर ले जाऊंगा, उससे बच्चे का भविष्य सुरक्षित करूंगा। शो में दीपेश के निवेदन पर अमिताभ बच्चन ने मधुशाला की कुछ पंक्तियां सुनाकर सभी को प्रेरित किया और शोले फिल्म के किस्से सुनाए।