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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ken Betwa Link Project: डूब प्रभावितों को मिलेगा 12.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा

Ken Betwa Link Project: जानकारी के अनुसार केन बेतवा परियोजना के डूब क्षेत्र के आबादी क्षेत्र के मकानों के अर्जन के लिए भू-अर्जन एक्ट के तहत मुआवजा दिय...और पढ़ें

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Sun, 17 Sep 2023 04:13:26 PM (IST)Updated Date: Sun, 17 Sep 2023 04:13:26 PM (IST)
Ken Betwa Link Project: डूब प्रभावितों को मिलेगा 12.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा

HighLights

  1. अर्जित की जाने वाली कृषि भूमि पर निर्मित झोपड़ी, शेड आदि होने की स्थिति में निर्धारित मुआवजा भी दिया जाएगा।
  2. राजस्व अथवा वन भूमि जिस पर प्रभावित परिवार पट्टे पर कृषि कर रहा हो तो उसे भी निर्धारित मुआवजा की पात्रता होगी।
  3. परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले विस्थापित परिवारों की सहमति से उन्हें एकमुश्त पुनर्वास अनुदान पैकेज दिया जाएगा।

Ken Betwa Link Project: भोपाल (राज्य ब्यूरो)।केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत बांध के डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की राशि जारी की गई है। जारी विशेष पैकेज में क्रय या अर्जित की जाने वाली भूमि के लिए प्रति हेक्टेयर कलेक्टर गाइड लाइन भू-अर्जन एक्ट 2013 के तहत निर्धारित मुआवजा अथवा प्रति हेक्टेयर 12.50 लाख रुपये की दर से एकमुश्त राशि, जो भी अधिक हो, दी जाएगी।

निर्धारित मुआवजा भी दिया जाएगा

साथ ही अर्जित की जाने वाली कृषि भूमि पर निर्मित झोपड़ी, शेड आदि होने की स्थिति में निर्धारित मुआवजा भी दिया जाएगा। यदि अर्जित की जाने वाली भूमि पर वृक्ष या बगीचा है तो इसका भी भू-अर्जन एक्ट के तहत मुआवजा मिलेगा। भूमि पर कुआं, ट्यूबवेल है तो दो लाख रुपये एवं एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह राजस्व अथवा वन भूमि जिस पर प्रभावित परिवार पट्टे पर कृषि कर रहा हो तो उसे भी निर्धारित मुआवजा की पात्रता होगी।


मुआवजा कम तो अंतर की राशि विशेष अनुदान के रूप में दी जाएगी

भूमि अधिग्रहण का मुआवजा आदेश जारी होने की दशा में अगर किसान द्वारा पुनर्वास पैकेज का चयन किया जाता है और आकलित मुआवजा राशि पैकेज से कम है तो अंतर की राशि किसान को विशेष अनुदान के रुप में दी जाएगी। ऐसे अनुदान का भुगतान करने से पहले किसान की सहमति ली जाएगी। इसी तरह डूब क्षेत्र के आबादी क्षेत्र के मकानों के अर्जन के लिए भू-अर्जन एक्ट के तहत मुआवजा दिया जाएगा। यदि प्रभावित द्वारा शासकीय भूमि पर दो वर्ष से अधिक भूमि पर अतिक्रमण कर आवास बनाया गया हो और यह आवास गृह उसके आवास का एकमात्र मकान हो तो निर्धारित हर्जाना दिया जाएगा।

विस्थापित परिवार को दिया जाएगा एकमुश्त पुनर्वास अनुदान पैकेज

परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले विस्थापित परिवारों की सहमति से उन्हें एकमुश्त पुनर्वास अनुदान पैकेज दिया जाएगा। एक शहरी क्षेत्र में भूखंड उपलब्ध होने पर छह लाख 50 हजार रुपये एकमुश्त पुनर्वास अनुदान, ग्रामीण क्षेत्र में भूखंड होने पर सात लाख रुपये एकमुश्त अनुदान, यदि पात्र परिवार भूखंड नहीं लेना चाहता है तो 12 लाख 50 हजार रुपये एकमुश्त पुनर्वास अनुदान और यदि परिवार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का है तो 50 हजार रुपये अतिरिक्त दिया जाएगा।