• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

Kisan Protest in MP: मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित, मूंग उपज 60% उपार्जन होगा

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। बैठक में सहकारिता मंत्री वि...और पढ़ें

By Dhananajay Pratap SinghEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 29 Jul 2026 09:51:23 PM (IST)Updated Date: Wed, 29 Jul 2026 10:03:40 PM (IST)
Kisan Protest in MP: मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित, मूंग उपज 60% उपार्जन होगा
भोपाल में किसान आंदोलन। एआई फोटो।

HighLights

  1. भोपाल में जमा किसानों की मांग और जमीनी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है।
  2. प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
  3. नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। किसानों की मांग और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी।

उपार्जन के लिए स्लाट बुकिंग 30 जुलाई के स्थान पर दस दिन बढ़ाकर 10 अगस्त, खरीदी की अंतिम तिथि 10 से बढ़ाकर 20 अगस्त तक करने का निर्णय लिया है।

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रविधान है। इसी आधार पर पहले प्रत्येक पात्र किसान से उसकी उपज का 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था।

किसानों की मांग और जमीनी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा।

किसानों की सुविधा के लिए स्लाट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी है। वहीं, उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था स्थगित- सरकार ने इसके साथ ही किसानों की एक और बड़ी मांग को पूरा करते हुए ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी, जिसके आधार पर सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला

- प्रत्येक पात्र किस से उसकी मूंग उपज का 25 नहीं 60% उपार्जन किया जाएगा।

- यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

- किसानों ने की सुविधा को देखते हुए स्टॉल बुकिंग की अवधि भी 10 दिन बढ़ने का निर्णय किया है।

- अब 30 जुलाई के स्थान पर 10 अगस्त तक स्लॉट बुक किया जा सकेंगे।

- उपार्जन की अंतिम तिथि को 10 अगस्त से बढ़कर 20 अगस्त किया जा रहा है।

- खाद वितरण के लिए लागू की गई ई टोकन व्यवस्था नई है, इसलिए जो समस्याएं आ रही हैं, उसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है, जो सरकार को अपनी अनुशंसा देगी, जिसके आधार पर सुधार किए जाएंगे।

- सुझाव प्राप्त होने तक ई टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था को स्थगित किया जाता है।