
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गैंग्स्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है। मूल रूप से आगरा निवासी प्रदीप शुक्ला गिरोह के उस अहम नेटवर्क का हिस्सा था, जो मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में गैंग की गतिविधियों को विस्तार दे रहा था।
गांव से घेराबंदी कर पकड़ा
एसटीएफ ने उसे राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर धौलपुर-मुरैना के बीच एक गांव से घेराबंदी कर पकड़ा। बताया जा रहा है कि वह गोवा, पंजाब और हरियाणा में फरारी काट चुका था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। गिरफ्तारी के समय वह राजस्थान भागने की फिराक में था।
जांच में सामने आया है कि अशोकनगर में हाल ही में दी गई धमकियों के मामले में उसकी भूमिका अहम थी। वह संभावित शिकार की पहचान करने, उनकी गतिविधियों पर नजर रखने और जानकारी गिरोह तक पहुंचाने का काम करता था।
10 से अधिक गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार प्रदीप शुक्ला पर हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों से जुड़े 10 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वह स्लीपर सेल की तरह काम करते हुए मध्य प्रदेश में गैंग के लॉजिस्टिक और सूचना तंत्र को संभाल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करता था और बार-बार सिम कार्ड बदलता था।
डीजीपी ने जांच एसटीएफ को सौंपी थी
बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों में बिश्नोई गैंग के नाम पर प्रदेश में धमकी और अन्य घटनाओं के बाद डीजीपी ने जांच एसटीएफ को सौंपी थी। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जो पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एडीजी एसटीएफ डी. श्रीनिवास वर्मा ने प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
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