
भोपाल। लोकसभा चुनाव को लेकर घोषणा पत्र को लेकर कांग्रेस नेता आज राजधानी में पीसीसी दफ्तर में मीडिया से चर्चा कर रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व मप्र के प्रवक्ता चरण सिंह चपरा समेत कई बड़े नेता मौजूद हैं।
VIDEO | Here's what Madhya Pradesh Congress chief Jitendra Patwari (@jitupatwari) said addressing a press conference.
"Congress party is presenting the vision we have for the country for the coming five years. Rahul Gandhi met millions of people from different sects of life and… pic.twitter.com/f16LJxie4W
— Press Trust of India (@PTI_News) April 10, 2024
प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने देश के भविष्य के लिए अपना रोडमैप सामने रखा है। राहुल गांधी ने 4000 किलोमीटर की यात्रा करके देश की भावनाओं को समझा और उसके आधार पर न्याय पत्र तैयार किया है। यात्रा के दौरान अलग-अलग लोगों से बात की और उसके आधार पर निष्कर्ष सामने रखा है।
Live : प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता। https://t.co/08irkszhrw
— MP Congress (@INCMP) April 10, 2024
जब जीतू से पूछा गया कि सरकार गठन की स्थिति में प्रधानमंत्री कौन होगा, तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई भी बने, उसे जो सबसे अधिक पीड़ित हैं युवा, नारी, किसान, श्रमिक आदि, उनकी हिस्सेदारी में न्याय की बात करनी होगी। इन पांच न्याय के अंतर्गत 25 गारंटियां दी गई हैं। युवाओं के लिए नौकरी, पेपर लीक जैसी खामियों को दूर करना, केंद्र के रिक्त पदों पर कैलेंडर बनाकर भर्ती करना, युवाओं की आर्थिक सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टार्टअप फंड की व्यवस्था की जाएगी। हर जिले में यह फंड रहेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जो सबको साथ लेकर चलती है। कांग्रेस आपके हिस्सेदारी की गारंटी दे रही है। कांग्रेस कभी भेदभाव नहीं करती है, सबको साथ लेकर चलती है जाति आधारित गणना क्यों नहीं कराई जा रही है, इसको लेकर हमें आश्चर्य है। सामान्यतः 10 वर्ष में जनगणना होती है, लेकिन अभी तक नहीं हुई है। हमारी मांग सामाजिक, आर्थिक समानता को लेकर गिनती करने की है। जब तक हम जाति आधारित गणना नहीं करेंगे तब तक यह नहीं पता चलेगा कि किसकी कितनी हिस्सेदारी है। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का निर्णय अर्जुन सिंह सरकार में दिया गया था, पर लागू नहीं किया जा सका था। मेरी सरकार में 14 प्रतिशत दिया गया। अनारक्षित वर्ग को आरक्षण मिले, इसके लिए व्यवस्था की जाएगी। बजट का आवंटन आदिवासी और अनुसूचित जाति सब प्लेनेट के अंतर्गत होना चाहिए। भाजपा सरकार ने एससी-एसटी सब प्लान समाप्त कर दिए हैं। कांग्रेस इसके लिए कानूनी प्रविधान करेगी। आदिवासियों के अधिकार की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी है। वन अधिकार बड़ा कदम था। एक वर्ष के अंदर सभी प्रकरण निपटा दिए जाएंगे। पेसा एक्ट के नियम नहीं बन पाए हैं।
नारी न्याय को लेकर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभाग पटेल ने कहा कि घोषणा पत्र में हमने महालक्ष्मी योजना का वादा किया है। इसमें प्रत्येक गरीब परिवार की एक महिला को वार्षिक एक लाख रुपये दिए जाएंगे। केंद्र सरकार की नौकरी में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। पंचायतों में अधिकार मैत्री के रूप में नियुक्ति की जाएगी। सावित्रीबाई फुले हास्टल कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में एक छात्रावास खोला जाएगा।
राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि संसद में विपक्ष को अपना एजेंडा रखने का मौका नहीं मिलता है। जब हमारा प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता तो हम आसंदी के सामने आते हैं और निष्कासित कर दिया जा सकता है। इसके लिए व्यवस्था में सुधार आवश्यक है। कम से कम 100 दिन संसद चलनी चाहिए। सप्ताह में एक दिन विपक्ष को अपने विषयों पर चर्चा करने की पूर्ण स्वतंत्रता होगी। मीडिया की स्वतंत्रता की बात भी हमने की है। तीन करोड़ केस न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे लोग जज बनें, जो निष्पक्ष हों। न्यायालय में जजों की नियुक्ति होनी चाहिए आधुनिकीकरण होना चाहिए, तभी शीघ्र न्याय मिलेगा। ईडी, सीबीआइ, आयकर के ला में सुधार होना चाहिए। कांग्रेस चुनाव ना लड़ पाए, इसलिए पूरा पैसा फ्रीज कर दिया जाता है। 3560 करोड़ रुपये का नोटिस दे देते हैं जबकि राजनीतिक दलों को छूट है। जो कमी है, टैक्स ले लीजिए पर नहीं माने। हम अपील कर रहे हैं और हमारे खाते में से पैसे निकाल लिए। सरकारें आएगी जाएंगी, पर लोकतंत्र को बचाने के लिए कानून को ठीक करना पड़ेगा। उनका सरलीकरण करना होगा। 8 वर्ष से कश्मीर में चुनाव नहीं हुए हैं। वहां के लोगों को कम से कम मौका तो दो। मणिपुर के क्या हाल हैं? क्या वाकई में लोगों के साथ न्याय हो रहा है? जब तक सभी जगह न्याय नहीं होगा, तब तक भारत भारत नहीं होगा। मूलभूत परिवर्तन सोच और कानून में लाना होगा।
आदिवासियों के विषय पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि हर समाज को बदलाव की जरूरत है। एससी, एसटी वर्ग के अधिकारों का हनन हो रहा है। मनरेगा में पैसा नहीं दिया। भाजपा योजनाएं तो बंद नहीं करती, पर उन्हें हाशिए पर अवश्य डाल देती है। वन अधिकार नियम को लेकर राष्ट्रीय मिशन स्थापित होगा। छात्रवृत्ति दोगुनी की जाएगी। आवासीय स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। बैकलॉग की भर्ती एक साल के भीतर की जाएगी। जहां एसटी आबादी अधिक है, उन क्षेत्रों को अधिसूचित कर प्राथमिकता दी जाएगी। युवा, किसान सबकी हिस्सेदारी रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि 10 वर्षों में खेती की लागत 4 गुना बढ़ गई है। उसके अनुपात में उपज का दाम नहीं मिल पा रहा है, इसलिए किसान आंदोलन कई बार हुए। कांग्रेस सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून के माध्यम से किसानों को उचित मूल्य दिलाने का निर्णय लिया था। भाजपा सरकार ने धान और गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर देने का वादा किया था लेकिन किसी को नहीं मिला। किसानों को उपज का उचित मूल्य देना के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, फसल बीमा किसान को खेत के हिसाब से 30 दिन के भीतर किसान के खाते में पैसा जमा होगा। ई-बाजार को बढ़ावा दिया जाएगा। कर्ज माफी की योजना बनाई जाएगी। कृषि विश्वविद्यालय जिला स्तर पर खोले जाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया ने श्रमिकों को लेकर कहा कि श्रम कानूनों में समानता रहेगी। किसी भी तरह का शोषण ना हो, इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा। महिला और पुरुष श्रमिकों को समान अवसर मिलेंगे वेतन के अंतर को समाप्त किया जाएगा। कम से कम ₹400 प्रतिदिन मजदूरी दी जाएगी। 2500 से अधिक आबादी वाले गांव में आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति होगी।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने हाल ही में 48 पृष्ठ का घोषणा पत्र जारी किया है। इसमें 5 न्याय और 25 गारंटी की घोषणा की गई है।