
Lok Sabha Election 2024: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में पहले चरण की छह सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए मात्र एक सप्ताह ही बाकी है, लेकिन चुनाव प्रचार में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस बहुत पीछे है। हर दिन भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व में से किसी न किसी बड़े नेता की सभा करा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी सप्ताह तीन दिन में दो बार जनसभाएं कर चुके हैं।
अगले 10 दिन में उनकी दो और जनसभाएं होंगी। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंडला और कटनी में तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रीवा और सतना में जनसभाएं हुईं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की शुक्रवार को सीधी में सभा है। इसके पहले वह जबलपुर और इंदौर में सभाएं कर चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी खजुराहो सीट के पन्ना में चुनाव प्रचार करने आ चुकी हैं, लेकिन चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस की ओर से प्रदेश के बाहर से केवल पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ही आए हैं। प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही उलझे हुए हैं।
ऐसे में, प्रत्याशी घोषित करने में पिछड़ने के बाद कांग्रेस अब प्रचार में भी भाजपा से मात खाती नजर आ रही है। यह स्थिति तब है, जब पार्टी कई नेताओं को प्रदेश में अपना स्टार प्रचारक घोषित कर चुकी है। इनमें कई राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं, लेकिन पहले चरण के चुनाव प्रचार के लिए उनके न पहुंचने से इस चरण में पार्टी के प्रत्याशियों में भी बेचैनी है।

कांग्रेस के शीर्ष 10 स्टार प्रचारकों में राहुल गांधी की मंडला और शहडोल में पिछले दिनों सभा हुई। इन सभाओं में जितेंद्र सिंह भी शामिल रहे। स्टार प्रचारकों के नौवें क्रम में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जरूर जनसभाएं कर रहे हैं। 10वें नंबर के स्टार प्रचारक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की भी कुछ सभाएं हुई हैं।
बाकी स्टार प्रचारकों में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव और राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा ने कुछ सभाएं की हैं, लेकिन ये नेता प्रदेश के हैं, पार्टी प्रत्याशी सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे राष्ट्रीय नेताओं से अपने-अपने चुनाव क्षेत्र में जनसभाएं कराना चाहते हैं। दूसरी ओर, भाजपा के शीर्ष 10 स्टार प्रचारकों में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को छोड़कर सभी की सभाएं प्रदेश में हो चुकी हैं या उनके चुनाव कार्यक्रम सप्ताह भर में निर्धारित हैं।
पहले चरण में सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 19 अप्रैल को मतदान होना है। इन सीटों पर 17 अप्रैल की शाम पांच बजे से प्रचार थम जाएगा। छिंदवाड़ा छोड़ सभी सीटों पर 2019 में भाजपा जीती थी। कांग्रेस से इनमें अभी सिर्फ राहुल गांधी की मंडला और शहडोल में सभा हुई। आगे भी किसी का कार्यक्रम अभी तक नहीं आया है।
भाजपा इन सीटों पर प्रचार में कांग्रेस से बहुत आगे है। प्रधानमंत्री जबलपुर में रोड-शो और बालाघाट में जनसभा कर चुके हैं। वह 14 अप्रैल को होशंगाबाद सीट में आने वाली पिपरिया विधानसभा में सभा करेंगे। यहां दूसरे चरण में 26 अप्रैल को चुनाव है, पर यहां सभा से पहले चरण की सीटों पर भी प्रभाव पड़ेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंडला सीट और जबलपुर सीट के अंतर्गत आने वाले कटनी विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को जनसभा हुई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड़्डा शुक्रवार को सीधी में प्रचार करेंगे। छिंदवाड़ा में भी उनकी सभा हो सकती है। इसके पहले वह जबलपुर आ चुके हैं। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव लगातार छिंदवाड़ा में सभाएं कर रहे हैं। इस तरह शहडोल छोड़ सभी सीटों पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सभाएं हो चुकी हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, जितेन्द्र सिंह, कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार।
नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गड़करी, शिव प्रकाश, डा. मोहन यादव, विष्णु दत्त शर्मा, महेंद्र सिंह, सतीश उपाध्याय।