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भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त का छापा, करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले की जांच शुरू, 10 साल के रिकॉर्ड जब्त

नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।

By Digital DeskEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Fri, 13 Mar 2026 02:55:40 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Mar 2026 02:55:40 PM (IST)
भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त का छापा, करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले की जांच शुरू, 10 साल के रिकॉर्ड जब्त
भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त का छापा।

HighLights

  1. भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त का छापा।
  2. करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले की जांच शुरू।
  3. एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।

यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायतों के बाद की गई है। लोकायुक्त की टीम शुक्रवार सुबह ठीक उस वक्त निगम दफ्तर पहुँची जब कर्मचारी अपनी सीटें संभाल ही रहे थे।

फायनेंस और कंप्यूटर शाखा लोकायुक्त के घेरे में

टीम ने सबसे पहले फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ ऑफिस खुलते ही लोकायुक्त की टीम वहाँ पहुँच गई थी।

बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निगम में बिना किसी जमीनी काम के, केवल कागजों पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान का खेल चल रहा है।

एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती

कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले 10 वर्षों के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं।

यह संकेत देता है कि यह घोटाला किसी एक कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक दशक से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार है। जांच टीम अब इन दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से करने की तैयारी में है।