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एक महीने में 1600 गुना मुनाफे का लालच... 62 अरब रुपये स्क्रीन पर देखकर गंवा बैठे 3.91 करोड़

ठगों का सबसे बड़ा हथियार वह फर्जी एप था, जिस पर हर निवेश के साथ रकम बढ़ती दिखाई देती थी।

By prashant vyasEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 11:40:13 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 11:45:19 PM (IST)
एक महीने में 1600 गुना मुनाफे का लालच... 62 अरब रुपये स्क्रीन पर देखकर गंवा बैठे 3.91 करोड़
लालच में लुटाए पैसे। - एआई फोटो।

HighLights

  1. फर्जी ट्रेडिंग एप पर बढ़ती रकम के लालच में बुजुर्ग ने जीवनभर की कमाई झोंक डाली।
  2. निकासी के नाम पर ठगों की मांग बढ़ती गई और रकम, तब खुली साइबर ठगी की पोल।
  3. आखिर में न 62 अरब रुपये मिले और न ही 3.91 करोड़ रुपये की मूल राशि वापस लौटी।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शेयर बाजार में निवेश कर रातोंरात अरबपति बनने का लालच भोपाल के 67 वर्षीय बुजुर्ग को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने खुद को निवेश कंपनी का ब्रोकर बताकर उन्हें फर्जी ट्रेडिंग एप से जोड़ दिया और देखते ही देखते उनकी 3.91 करोड़ रुपये की जीवनभर की कमाई हड़प ली। ठगों का सबसे बड़ा हथियार वह फर्जी एप था, जिस पर हर निवेश के साथ रकम बढ़ती दिखाई देती थी।

करीब एक महीने के भीतर एप पर बुजुर्ग की कुल संपत्ति 62.31 अरब रुपये दिखने लगी। इस चमकती हुई रकम के लालच में उन्होंने अपनी बचत के साथ अन्य स्रोतों से जुटाए करोड़ों रुपये भी निवेश कर दिए।

जब रकम निकालने की बारी आई तो ठगों ने प्रोसेसिंग फीस, अनलाक चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर और रकम मांगनी शुरू कर दी। आखिर में न 62 अरब रुपये मिले और न ही 3.91 करोड़ रुपये की मूल राशि वापस लौटी। साइबर सेल में केस दर्ज किया गया है और पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये होल्ड कर लिए हैं।


ब्रोकर बनकर महिला ने किया संपर्क

  • पीड़ित अशोक कुमार सागर जिले के एक पावर प्लांट के अधिकारी हैं। 26 मई 2026 को सोशल मीडिया पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा विज्ञापन देखने के बाद उनसे एक महिला ने संपर्क किया।
  • उसने खुद को एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी की ब्रोकर बताते हुए अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया।
  • विश्वास कायम करने के लिए सेबी पंजीकरण का फर्जी प्रमाणपत्र भेजा गया और उन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया।
  • ग्रुप में रोजाना शेयर बाजार, आइपीओ और ट्रेडिंग से भारी कमाई करने के दावे और निवेशकों के कथित मुनाफे के संदेश साझा किए जाते थे।
  • इसके बाद उनके मोबाइल में एफएसपीएल स्मार्ट नाम का एप डाउनलोड कराया गया।

आइपीओ और ट्रेडिंग के नाम निवेश करवाया

शुरुआत में उनसे छोटी रकम निवेश कराई गई। एप पर कुछ ही समय में निवेश कई गुना बढ़ता दिखाई दिया। इससे उनका भरोसा मजबूत हो गया। इसके बाद अलग-अलग आइपीओ, प्राइमरी मार्केट और विशेष ट्रेडिंग अवसरों के नाम पर लगातार बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहा गया। हर बार एप पर उनका बैलेंस बढ़ता गया और उन्हें यकीन हो गया कि उनका निवेश सही दिशा में जा रहा है। इसी भरोसे में उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 3.91 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

करीब एक महीने बाद एप पर उनकी कुल संपत्ति 62.31 अरब रुपये दिखाई देने लगी। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने कहा कि निकासी से पहले कुल राशि का 20 प्रतिशत प्रोसेसिंग या अनलाक शुल्क जमा करना होगा। पीड़ित ने कई बार रकम निकालने की कोशिश की, लेकिन हर बार कोई नया शुल्क या नई शर्त सामने रख दी गई। स्क्रीन पर दिखाई दे रही अरबों रुपये की रकम के कारण उन्हें उम्मीद थी कि थोड़ा और भुगतान करने पर पूरी राशि मिल जाएगी। इसी उम्मीद में वह ठगों के झांसे में फंसे रहे। जब लगातार भुगतान के बाद भी न तो पैसा मिला और न ही निकासी हुई, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

सेबी की सलाह: ऐसे पहचानें फर्जी ट्रेडिंग और निवेश का जाल

- सेबी निवेश पर निश्चित या असामान्य मुनाफे की गारंटी नहीं देता। कोई भी व्यक्ति या कंपनी तय रिटर्न का दावा करे तो सतर्क हो जाएं।

- निवेश से पहले सेबी की वेबसाइट पर ब्रोकर, निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर जांचें।

- केवल सेबी पंजीकृत स्टाक ब्रोकर के अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफार्म या एक्सचेंज से जुड़े एप पर ही निवेश करें।

- ट्रेडिंग के लिए किसी व्यक्ति या कंपनी के निजी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। भुगतान केवल ब्रोकर के अधिकृत खाते में करें।

- वाट्सएप, टेलीग्राम या इंटरने मीडिया पर मिले ''हाट टिप्स'', आईपीओ अलाटमेंट या मल्टीबैगर रिटर्न के दावों पर भरोसा न करें।

- यदि निकासी के लिए टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपाजिट या अतिरिक्त निवेश मांगा जाए तो तुरंत लेनदेन रोक दें और सेबी/साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।