
Madhya Pradesh Congress :भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। अनुसूचित जाति वर्ग के फूलसिंह बरैया को लेकर कांग्रेस में दो गुट हो गए हैं। एक गुट बरैया को राज्यसभा पहुंचाकर आरक्षित वर्ग के वोट बैंक का विधानसभा उप चुनाव में फायदा होने का दावा कर रहा है। वहीं, दूसरा गुट बरैया को विधानसभा उप चुनाव में उतारकर एक सीट पर जीत को सुनिश्चित करने की रणनीति अपनाने का पक्षधर है।
कांग्रेस विधानसभा उप चुनाव में अनुसूचित जाति वर्ग के वोट बैंक को लेकर बसपा के पूर्व नेता फूलसिंह बरैया को ट्रंप कार्ड की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। बरैया की कांग्रेस में एंट्री कराने वाले नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हैं लेकिन अब दिग्विजय के विरोधी बरैया के माध्यम से उनका राज्यसभा में जाने का रास्ता बंद करने की जुगाड़ में लगे हैं।
इन लोगों ने बरैया के अनुसूचित जाति वर्ग के वोटों का लाभ लेने के लिए उन्हें राज्यसभा पहुंचाने की तैयारी की है जिससे दिग्विजय सिह राज्यसभा चुनाव में हार जाएं। इनमें बुंदेलखंड के कुछ नेता कांग्रेस के दिल्ली के नेताओं के संपर्क में हैं। ये लोग पहले इस संबंध में पत्र भी लिख चुके हैं।
वहीं, दिग्विजय सिंह समर्थकों का मानना है कि अनुसूचित जाति के वोटों का लाभ लेने के लिए बरैया को ग्वालियर-चंबल से उप चुनाव में उतारा जाए। कांग्रेस के इन नेताओं का यह भी मानना है कि बरैया के चुनाव लड़ने से न केवल एक सीट पर जीत सुनिश्चित होगी बल्कि ग्वालियर-चंबल के अनुसूचित जाति के मतदाताओं के वोट का लाभ भी कांग्रेस को मिलेगा। वहीं, दूसरे गुट का मानना है कि अगर बरैया को चुनाव मैदान में उतारा गया तो वोटों का ध्रुवीकरण हो जाएगा और अनुसूचित जाति के अलावा दूसरा वोट कांग्रेस से अलग हो सकता है।