
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने इस वर्ष होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है। इस बार भी उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) पात्रता परीक्षा को शामिल नहीं किया गया। इससे हजारों अभ्यर्थी निराश हैं। वर्ग-1 पात्रता परीक्षा हर साल आयोजित की जानी चाहिए, लेकिन पिछले आठ वर्षों में 2018 और 2023 में दो बार ही यह परीक्षा हुई है। इसमें भी सिर्फ 15 हजार पदों पर भर्तियां हुईं। बड़ी संख्या में बीएड कर चुके अभ्यर्थी पात्रता परीक्षा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं।
2018 में 2.22 लाख और 2023 में 1.74 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसके बाद 2024 और 2025 में भी कोई परीक्षा आयोजित नहीं हुई, जबकि सरकारी स्कूलों में मुख्य विषयों के आधे से अधिक पद खाली हैं। पात्रता परीक्षा के बाद भी अभ्यर्थियों को चयन परीक्षा देनी होती है। वहीं, ईएसबी के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग की डिमांड के आधार पर ही परीक्षा कराई जाती है। हालांकि, ईएसबी ने परीक्षा कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) में शामिल किया है।
सरकारी स्कूलों में वर्ग-1 के करीब 42 हजार पद स्वीकृत हैं। दो बार में करीब 15 हजार पदों पर भर्ती हुई। इसके बाद भी करीब 21 हजार पद खाली हैं। हालांकि, 2018 में वर्ग-1 में 15 हजार पदों के लिए परीक्षा हुई थी, लेकिन 11 हजार पद ही भरे गए। इसी तरह 2023 में 8,720 पदों के लिए परीक्षा हुई थी, लेकिन 3,198 पदों पर ही भर्ती की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें बीएड पूरा करने के बाद भी पात्रता परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलता। अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-1 परीक्षा हर साल आयोजित की जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को मौका मिल सके। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी व नियमित बनी रहे। पिछली भर्ती प्रक्रियाओं में बची हुई सीटें पदवृद्धि कर भरी जा सकती है।
इस साल ईएसबी की ओर से वर्ग-2 व वर्ग-3 के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई व अगस्त में किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के करीब 30 हजार पदों को भरने की तैयारी है। वर्तमान में प्रदेश में तीनों वर्ग के 69 हजार से अधिक पद खाली हैं। इनमें से अगले साल तक 30 हजार पद भर लिए जाएंगे।
इस साल सरकारी स्कूलों में 30 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें सभी वर्ग के शिक्षकों की भर्ती होगी। - उदय प्रताप सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री