MP की 4 धरोहरें UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल, उदयगिरि-बाघ गुफाएं, बटेश्वर और गिन्नौरगढ़ को मिली जगह
यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में मध्य प्रदेश के चार नए स्थल शामिल हुए। उदयगिरि, बाघ गुफाएं, बटेश्वर मंदिर समूह और गिन्नौरगढ़ किला अब सूची में ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 10:51:12 AM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 10:51:12 AM (IST)
MP की 4 धरोहरें UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल। (नईदुनिया)HighLights
- यूनेस्को की अस्थायी सूची में मध्य प्रदेश के चार स्थल शामिल।
- विदिशा के उदयगिरि गुफा मंदिर सूची में शामिल किए गए।
- धार की बाघ गुफाओं की चित्रकारी को सूची में जगह।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, विज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने विश्व धरोहरों की अस्थायी सूची जारी की है। इसमें मध्य प्रदेश से विदिशा जिले के उदयगिरी के गुफा मंदिर, धार जिले की बाघ गुफाओं की चित्रकारी, मुरैना जिले के बटेश्वर मंदिर समूह और सीहोर जिले के गिन्नौरगढ़ का किला शामिल है।
15 धरोहरें पहले से हैं सूची में शामिल
यूनेस्को की इस सूची में अभी तक देश भर की 78 धरोहरों को शामिल किया जा चुका है। इसमें से 19 अकेले मध्य प्रदेश में हैं। ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, रामनगर के गोंड स्मारक, धामनार का ऐतिहासिक समूह, जबलपुर का भेड़ाघाट-लामेताघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, ओरछा, मांडू के स्मारक जैसी 15 धरोहरें पहले से इस सूची में हैं।
विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण
प्रदेश के पर्यटन सचिव एवं मप्र पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक डा. इलैयाराजा टी. ने कहा कि चार और स्थलों का टेंटेटिव सूची में शामिल होना मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। इससे प्रदेश की पहचान मजबूत होगी। उदयगिरी की प्रसिद्ध वराह प्रतिमा गुप्तकालीन धार्मिक कला, राजसत्ता और वैष्णव परंपरा की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति मानी जाती है।
बाघ गुफाएं और गिन्नौरगढ़ का किला
- बाघ गुफाएं : धार जिले में बाघ नदी के किनारे स्थित नौ बौद्ध गुफाओं का यह समूह चौथी से छठी शताब्दी का माना जाता है। गुफा संख्या चार यानी रंग महल के भित्ति चित्रों में दरबार, जुलूस, संगीतकार, नर्तक और तत्कालीन सामाजिक जीवन के दृश्य दिखाई देते हैं।
गिन्नौरगढ़ का किला : सीहोर जिले के रातापानी के वन क्षेत्र में पहाड़ी पर स्थित गिन्नौरगढ़ किला गोंड शासन की स्थापत्य और प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण उदाहरण है। बटेश्वर मंदिर और उदयगिरि गुफा
- बटेश्वर मंदिर समूह : मुरैना का बटेश्वर-पदावली-ककरामठ समूह आठवीं से 11वीं शताब्दी की मंदिर वास्तुकला है।
- उदयगिरि गुफा मंदिर : विदिशा के पास स्थित उदयगिरि में पत्थरों को काटकर बनाए गए 20 गुफा मंदिर हैं। यहां मंदिरों, मूर्तियों, शिलालेखों और प्राकृतिक भू-दृश्य का अनूठा मेल दिखाई देता है। वराह प्रतिमा गुप्तकालीन धार्मिक कला, वैष्णव परंपरा और राजसत्ता की अभिव्यक्ति माना जाता है।