MP OBC Reservation: ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी प्रदेश सरकार, भाजपा विधायक दाखिल करेंगे याचिका
मध्य प्रदेश सरकार हाई कोर्ट जबलपुर के फैसले को चुनौती देने के लिए आज या कल विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करेगी। सरकार की मांग राज्य में सरकारी नौक...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 11:11:55 AM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 11:17:29 AM (IST)
प्रतीकात्मक, फोटो इंटरनेट मीडिया से ली गई है।HighLights
- 27% ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
- पिछड़ा वर्ग आयोग के सर्वे को बनाया जाएगा आधार
- भाजपा विधायकों से भी याचिका दायर कराने की तैयारी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरियों में दिलाने के लिए प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट जबलपुर के निर्णय को चुनौती देगी। इसके लिए आज-कल में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की जाएगी।
इसमें पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की अध्यक्षता में बनाए गए राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सर्वे को आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने की मांग होगी।
विधायक दायर करेंगे याचिका
उधर, भारतीय जनता पार्टी भी तीन-चार विधायकों के माध्यम से याचिका दायर करवाएगी। हाई कोर्ट जबलपुर में कमल नाथ सरकार द्वारा 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़कर 27 प्रतिशत किए जाने नियम को अवैधानिक बताकर निरस्त कर दिया है।
साथ ही जिन 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां आरक्षण संबंधी याचिकाओं पर अंतिम निर्णय के लिए रोक कर रखी थी उन्हें अनारक्षित श्रेणी में लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस भी कर रही तैयारी
ओबीसी महासभा सहित अन्य सामाजिक संगठन इस निर्णय के विरोध में है और आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी सरकार पर न्यायालय में ओबीसी आरक्षण की पैरवी ठीक से नहीं करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
सॉलिसिटर जनरल से सीएम ने की बात
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले को लेकर सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे से सभी पहलुओं पर चर्चा की। इसके बाद तय किया गया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है और आज-कल में याचिका दायर कर दी जाएगी।