भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में निवेश करने वाली कंपनी, संस्थाओं को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हमने मुरैना, सागर, दमोह और रतलाम जिलों में पांच हजार मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क के लिए भूमि चि-त कर ली है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीसरे वैश्विक नवकरणीय ऊर्जा निवेश सम्मेलन में कही। चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन बुधवार से शुरू हुआ है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के कुल बिजली उत्पादन में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 20 फीसद है और इसे निरंतर बढ़ाया जाएगा। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सभी बाधाओं को दूर कर सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल करेंगे।

केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने सम्मेलन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में निवेश वृद्धि के लिए राज्यों की भागीदारी बढ़ाना है। सम्मेलन में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और लद्दाख के उप राज्यपाल राधाकृष्ण माथुर भी शामिल हुए।

चौहान ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में 438 मेगावॉट उत्पादन होता था, अब पांच हजार मेगावॉट हो रहा है। रीवा में विश्व की बड़ी परियोजनाओं में शामिल 750 मेगावॉट की परियोजना चल रही है। इसके कारण बिजली की कीमत सबसे कम 2.97 रुपये प्रति यूनिट पर आ गई है। पिछले साल इस क्षेत्र में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।

वर्ष 2022 तक प्रदेश एक लाख मेगावॉट बिजली उत्पादन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने में सहयोगी बनेगा। प्रदेश का सौर ऊर्जा उत्पादन पांच से बढ़ाकर 10 हजार मेगावॉट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 21 हजार 500 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं और 2022 तक एक लाख का लक्ष्य है। अक्षय ऊर्जा उपकरणों को बेचने के लिए सभी जिलों में निजी इकाईयों को प्रोत्साहित कर 244 अक्षय ऊर्जा शॉप खोली हैं।

चौहान ने बताया कि नीमच, मंदसौर और रीवा परियोजनाओं से बिजली सप्लाई के लिए ग्रीन कॉरीडोर के तहत 2900 किमी लाइन और 11 सब स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। 15 पॉवर ग्रिड सब स्टेशन में लगे हैं। देश के बीच में होने के कारण मप्र को इस क्षेत्र में हब बनाएंगे। ऊर्जा मंत्रालय ने आगर, शाजापुर, नीमच, छतरपुर और ओंकारेश्वर में 3600 मेगावॉट क्षमता के सोलर एनर्जी पार्क की मंजूरी दी है। जिस पर 15 हजार करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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