
अब शिक्षकों को छुट्टी के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि एक क्लिक पर उनकी छुट्टियां मंजूर होंगी। इसमें आकस्मिक अवकाश (सीएल), एच्छिक अवकाश (ओएल), अर्जित अवकाश (ईएल), मेडिकल लीव और चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) शामिल होंगी। जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों को अब ईएल की सुविधा भी मिलेगी। 2008 के बाद से शिक्षकों को यह अवकाश मिलना बंद हो गए थे।
इन्कैश करवा सकेंगे छुट्टियां
अब साल में 10 ईएल ले सकेंगे। साथ ही अगर यह छुट्टियां बची रहती हैं तो रिटायरमेंट पर इनका नकदीकरण भी हो सकेगा। इसके अलावा जनवरी से विभाग के सभी अधिकारियों, कार्यालय के कर्मचारी और अकादमिक अमले (सीएसी, बीएसी आदि) को भी ऑनलाइन उपस्थिति के दायरे में लाया जा रहा है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी), बीईओ (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर), बीआरसी (विकासखंड स्त्रोत समन्वयक) व क्लर्क पर यह नियम लागू हो जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इसके दायरे से बाहर रखे गए हैं।
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शिक्षकों को पूरे सेवाकाल के दौरान 300 ईएल लेने की सुविधा रहेगी। जो शिक्षक यह अवकाश नहीं लेंगे, उन्हें रिटायरमेंट पर 240 दिनों यानी करीब 8 माह का अतिरिक्त एकमुश्त वेतन मिलेगा। यह अवकाश कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के दौरान काम करने के लिए मिलता है, जिसे वे व्यक्तिगत काम, छुट्टियों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।