
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश सरकार ने एक जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए भारत सरकार की तरह एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को वैकल्पिक रूप से लागू करने की संभावनाओं पर विचार के लिए समिति बनाई है। यह समिति चार माह में सभी पहलुओं पर विचार करके अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी। समिति का अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव को बनाया गया है।
प्रदेश में एक जनवरी 2005 के बाद से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू है। यह अंशदायी योजना है, और इसमें कर्मचारी और सरकार, दोनों अंशदान देते हैं। भारत सरकार की यूपीएस एक अप्रैल 2025 से प्रभावी है। इसमें निश्चित पेंशन का प्रविधान है।
इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश के एनपीएस वाले कर्मचारियों के लिए यूपीएस को वैकल्पिक पेंशन व्यवस्था के रूप में लागू किए जाने के संबंध में विचार करने के लिए समिति बनाई है।
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यह वित्तीय एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विचार कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर यूपीएस को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में लागू करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
समिति में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, सचिव लोकेश कुमार जाटव, संचालक बजट हर्षिका सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना सदस्य होंगे। संचालक पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा पीके श्रीवास्तव को सदस्य सचिव बनाया गया है।