MP में 30 करोड़ की ग्रेच्युटी हड़पने का खेल, चुपचाप बदलीं 108 एम्बुलेंस के 7 हजार कर्मियों की आईडी
कर्मचारियों के अनुसार, पांच साल की सेवा पूरी होने पर प्रत्येक को करीब 60 हजार रुपये ग्रेच्युटी मिलनी थी। आईडी बदलने से लगभग 7000 कर्मचारियों की कुल 30 करोड़ रुपये की ग्रेच्युटी पर संकट खड़ा हो गया है।
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 01:39:24 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 01:39:24 PM (IST)
फाइल फोटोHighLights
- 7000 कर्मचारियों की आईडी बदलने से ग्रेच्युटी पर संकट
- प्रत्येक कर्मचारी के 60 हजार रुपये अटकने का आरोप
- सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन, एनएचएम ने मांगा स्पष्टीकरण
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा ने कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। एजेंसी ने कर्मचारियों की ग्रेच्युटी का पैसा बचाने के लिए छह माह पहले ही उनकी एम्प्लाई आईडी बदल दी। इससे पूरे प्रदेश के 7000 कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का पैसा नहीं मिल पाएगा। सभी कर्मचारी अपने पांच साल पूरे करने वाले थे, जिसके बाद हर कर्मचारी को 60-60 हजार रुपये मिलने वाले थे।
कर्मचारियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि एजेंसी ने अपनी कंपनी बदलने की बात कहकर अचानक एम्प्लाई आईडी बदल दी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि 108 एम्बुलेंस एजेंसी इस तरह से कुल 30 करोड़ रुपये खा रही है।
जानबूझकर बदली आईडी, ग्रेच्युटी न देने की साजिश
कर्मचारियों का कहना है कि वे सभी पुराने कर्मचारी हैं, लेकिन कंपनी ने जानबूझकर उनकी एम्प्लाई आईडी बदल दी है, ताकि उन्हें वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी का भुगतान न करना पड़े। कर्मचारियों ने कहा है कि कुछ भी बोलने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। सुपरवाइजर भी बदतमीजी से बात करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनका बहुत ज्यादा मानसिक शोषण किया जा रहा है।
कर्मचारियों की मांग, पुरानी आईडी जोड़ी जाए
कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें किसी वरिष्ठ कंपनी के अधिकारी या शासकीय अधिकारी द्वारा लिखित रूप में आश्वासन दिया जाए कि उनकी पूरी ग्रेच्युटी उन्हें मिलेगी और उनका शोषण बंद होगा। उनकी एम्प्लाई आईडी को पुरानी आइडी के साथ जोड़ा जाए।
इस प्रकार बदली गई एंप्लाइज आईडी
108 एम्बुलेंस सेवा में कर्मचारियों की पुरानी पहचान संख्या ई-सीरीज में थी। छह माह पहले एजेंसी ने कंपनी बदलने का हवाला देकर आईडी बदल दी। अब नई आईडी एमपीईएस-सीरीज में जारी की गई है। इससे पुरानी सेवा अवधि का रिकार्ड शुरू से दिखने लगा। कर्मचारियों का आरोप है कि बदलाव से उनकी वर्षों की सेवा शून्य कर ग्रेच्युटी से वंचित करने की साजिश रची गई।
जैसे आशीष वर्मा की पुरानी आईडी ई0000000653 से बदलकर एमपीईएस0000010 कर दी गई। ओमप्रकाश की ई0000000393 से एमपीईएस0002701, अभिषेक वर्मा की ई0000000598 से एमपीईएस0005945 और राकेश वर्मा की ई0000000348 से एमपीईएस0001943 कर दी गई।
सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन
नाराज कर्मचारियों ने सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा है। कर्मचारियों ने 24 घंटे के अंदर समस्याओं पर सुनवाई और लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर सेवा देने में असमर्थ रहने की चेतावनी दी है। वहीं इस मामले में 108 एंबुलेंस एजेंसी को संचालित करने वाली जय अंबे कंपनी के मैनेजर तरुण सिंह परिहार से बातचीत करना चाही तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
108 एंबुलेंस एजेंसी को एनएचएम द्वारा सिर्फ वाहन का पेमेंट किया जाता है। बाकी कर्मचारियों की सैलरी एजेंसी ही देती है, इसमें एनएचएम का कोई रोल नहीं है। आपसे जानकारी मिली है, एजेंसी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। - दिशा प्रणय नागवंशी, अपर मिशन संचालक